तेहरान/कीव। रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के बीच अब ईरान और यूक्रेन के रिश्तों में भी नया तनाव पैदा हो गया है। ईरान ने आरोप लगाया है कि कैस्पियन सागर (Caspian Sea) में उसके एक वाणिज्यिक जहाज पर यूक्रेन की ओर से हमला किया गया। वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस पर आरोप लगाया कि वह ईरान को अमेरिका और खाड़ी देशों के सैन्य ठिकानों से जुड़ी संवेदनशील सैटेलाइट खुफिया जानकारी उपलब्ध करा रहा है।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास से फोन पर बातचीत कर कथित हमले पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने यूरोपीय संघ, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस घटना की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
ईरान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक बातचीत के दौरान होरमुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों पर भी चर्चा हुई।
घटना के बाद ईरान ने तेहरान में तैनात यूक्रेन के प्रभारी राजनयिक (चार्ज डी’अफेयर्स) को तलब कर आधिकारिक विरोध दर्ज कराया। ईरान का कहना है कि हमले में उसके जहाज में विस्फोट हुआ, जिसमें एक नाविक की मौत हो गई जबकि दूसरा घायल हो गया।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने इस घटना को “शत्रुतापूर्ण और आपराधिक कार्रवाई” बताते हुए कहा कि उसका देश रूस-यूक्रेन युद्ध का पक्षकार नहीं है। साथ ही चेतावनी दी कि राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे तथा इसके परिणामों के लिए यूक्रेन जिम्मेदार होगा।
दूसरी ओर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस जुलाई की शुरुआत से ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों और खाड़ी क्षेत्र के अहम ठिकानों की सैटेलाइट तस्वीरें उपलब्ध करा रहा है।
जेलेंस्की के अनुसार यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों को ऐसे संकेत मिले हैं कि रूस द्वारा जुटाई गई सूचनाओं और ईरान की सैन्य गतिविधियों के बीच संबंध हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि 19 और 20 जुलाई को रूसी सैटेलाइट ने बहरीन, जॉर्डन और कुवैत स्थित चार सैन्य एयरबेस की निगरानी की थी।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यह भी आरोप लगाया कि रूस करीब 30 हजार उत्तर कोरियाई सैनिकों को अपने सैन्य अभियान में शामिल करने की तैयारी कर रहा है। उनके अनुसार रूस के वोरोनेझ क्षेत्र में जून से इन सैनिकों की तैनाती की तैयारियां चल रही हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि उत्तर कोरिया रूस को अतिरिक्त बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर भी उपलब्ध करा सकता है।
जेलेंस्की ने कहा कि रूस लगातार यूक्रेन के कृषि ढांचे, अनाज भंडारण केंद्रों और खाद्य आपूर्ति से जुड़े ठिकानों को निशाना बना रहा है। उनके मुताबिक इसका असर केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक खाद्य आपूर्ति और महंगाई पर भी पड़ सकता है, खासकर उन देशों में जो यूक्रेनी अनाज पर निर्भर हैं।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और चीन को चेतावनी देते हुए कहा कि वे ईरान को किसी भी प्रकार की सैन्य सहायता या हथियार उपलब्ध न कराएं। ट्रंप का दावा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें भरोसा दिया है कि फिलहाल दोनों देश ईरान को सैन्य मदद नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में ऐसा हुआ तो उसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
हालांकि, ईरान और यूक्रेन की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। दोनों पक्षों के दावों पर संबंधित देशों की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved