
- आधे से ज्यादा मामले अनसुलझे, पुलिस की गश्त पर सवाल
जबलपुर। शहर से लेकर देहात तक चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने में पुलिस की नाकामी लोगों की चिंता बढ़ा रही है। गश्त, पेट्रोलिंग और रात में चेकिंग के दावों के बावजूद चोर लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, चोरी के 60 प्रतिशत से अधिक मामले अब भी अनसुलझे हैं। ऐसे में आम लोगों की मेहनत की कमाई पर चोर हाथ साफ कर रहे हैं, जबकि पुलिस के सामने इन वारदातों का खुलासा करना बड़ी चुनौती बना हुआ है।
वर्ष 2021 से सितंबर 2026 तक के आंकड़े बताते हैं कि गृहभेदन और सामान्य चोरी के मामले लगातार दर्ज हो रहे हैं। वर्ष 2025 में 417 गृहभेदन और 1,110 सामान्य चोरी के मामले सामने आए। वहीं सितंबर 2026 तक 331 गृहभेदन और 917 सामान्य चोरी के मामले दर्ज हो चुके हैं। ये आंकड़े शहर में संपत्ति संबंधी अपराधों की गंभीरता को उजागर करते हैं। संपत्ति संबंधी अपराधों में चोरी के समय दर्ज कीमत और बरामदगी के दौरान आंकी गई कीमत में अंतर के कारण पुलिस के रिकवरी आंकड़े वास्तविक स्थिति से अलग दिखाई दे सकते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, समान मूल्यांकन के आधार पर संपत्ति बरामदगी का प्रतिशत 30 से 35 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। इससे चोरी गई संपत्ति की वास्तविक रिकवरी को लेकर सवाल खड़े होते हैं। पुलिस जांच में सामने आए मामलों के अनुसार, कुछ आरोपी नशे की लत, महंगे मोबाइल, कपड़ों और बाइक के शौक पूरे करने के लिए चोरी जैसी वारदातों में शामिल होते हैं। कुछ मामलों में जेल के दौरान अपराधियों के बीच संपर्क बनने और बाहर आने के बाद साथ मिलकर वारदात करने की बात भी सामने आई है।