नई दिल्ली। कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग (Lawrence Bishnoi Gang) एक बार फिर चर्चा में है। रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) की सीक्रेट रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह गिरोह भारतीय सरकार की ओर से काम कर रहा है। ग्लोबल न्यूज की रिपोर्ट में बिश्नोई गैंग के भारत सरकार से संबंधों का कम से कम छह बार जिक्र है। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से लिखा है कि बिश्नोई क्राइम ग्रुप हिंसा का इस्तेमाल करके अपने आपराधिक कारोबार को आगे बढ़ाता है, जबकि भारतीय सरकार की ओर से काम करता है। रिपोर्ट में बिश्नोई गिरोह को हिंसक आपराधिक संगठन बताया गया है, जिसकी कनाडा सहित कई देशों में सक्रिय और लगातार बढ़ती उपस्थिति है। रिपोर्ट के अनुसार, गिरोह जबरन वसूली, ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग जैसी गतिविधियों में शामिल है।
ये रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आए हैं जब भारत और कनाडा के बीच संबंधों में सुधार हो रहा है। अगस्त 2025 में 10 महीने से अधिक समय तक चले तनाव के बाद, दोनों देशों ने एक-दूसरे में राजदूत नियुक्त किए हैं। कनाडा के सुरक्षा अधिकारियों ने बिना सबूत दिए भारत पर जासूसी और हिंसा की घटनाओं में शामिल होने का आरोप लगाया था, जिससे संबंध खराब हो गए थे। हालांकि भारत ने इन आरोपों को बार-बार खारिज किया है। दूसरी ओर रिपोर्ट में दावा किया गया है कि लॉरेंस बिश्नोई गिरोह कनाडा में अपना प्रभाव बढ़ा रहा है।
आरसीएमपी की रिपोर्ट में कहा गया है कि बिश्नोई क्राइम ग्रुप एक हिंसक आपराधिक संगठन है, जिसकी कनाडा सहित कई देशों में सक्रिय और लगातार फैलती उपस्थिति है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि यह ग्रुप भारतीय सरकार की ओर से काम करते हुए अपने आपराधिक कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए हिंसा का इस्तेमाल करने के लिए जाना जाता है। आरसीएमपी के मुताबिक, बिश्नोई गिरोह जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी, वित्तीय हेराफेरी और लक्षित हत्याओं सहित कई गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल है। पुलिस ने बताया कि गिरोह का मुख्य उद्देश्य ‘लालच’ है, न कि राजनीतिक या धार्मिक कारण।
कनाडाई नेता की भारत यात्रा के बीच जारी हुई रिपोर्ट
ग्लोबल न्यूज के अनुसार, यह रिपोर्ट आरसीएमपी द्वारा उसी दिन जारी की गई थी जब ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबे ने 12 से 17 जनवरी तक भारत के लिए एक व्यापार मिशन शुरू किया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने पिछले एक साल में कनाडा में अपनी हिंसक गतिविधियों को तेज कर दिया है और ओटावा द्वारा इसे आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के बावजूद, कनाडा में इसकी गतिविधियां फैल रही हैं।
बता दें कि जब जस्टिन ट्रूडो प्रधानमंत्री थे, तब भारत और कनाडा के बीच राजनयिक गतिरोध पैदा हो गया था। ट्रूडो ने कनाडा की धरती पर खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय सरकार की भूमिका का दावा किया था। नई दिल्ली ने किसी भी भूमिका से इनकार किया और सबूत मांगे, जो कभी नहीं दिए। पिछले साल अक्टूबर में भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि दोनों देश खुफिया जानकारी साझा करने को बढ़ावा देने और संगठित अपराध से निपटने के लिए संयुक्त उपाय करने पर सहमत हुए हैं।
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