
उज्जैन। मुख्यमंत्री जब भी शहर में आते हैं कोई न कोई सौगात देते हैं..लेकिन मुख्य बात यह है कि न केवल उन्होंने धार भोजशाला के हर वर्ष होने वाले विवाद पर एक तरह से विराम लगवा दिया है, वहीं दूसरी ओर डॉ. मोहन यादव की पहचान पूरे देश में नक्सल समस्या को लगभग समाप्त करने वाले सीएम के रूप में हो रही है..।
धार भोजशाला में हर बसंत पंचमी पर मुस्लिम पक्ष नमाज पढऩे और हिन्दू पक्ष सरस्वती पूजा के लिए आमने-सामने हो जाता था तथा बारी-बारी से दोनों पक्षों को पूजा और नमाज कराई जाती थी तथा तनाव फैलता था। इस बार सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाडऩे की कोशिश की गई थी लेकिन इस बार एक तरह से इस समस्या पर लगभग विराम लग गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस बार मुस्लिम समाज की नमाज भोजशाला के बाहर हुई, वहीं भोजशाला में सरस्वती पूजा की गई तथा कोई विवाद नहीं हुआ। इसी प्रकार मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में नक्सली समस्या सिर उठाए हुए थी लेकिन अब पूरे देश में डॉ. मोहन यादव की पहचान नक्सली समस्या को समाप्त करने वाले नेता के रूप में हो रही है। आपने एक चर्चा में बताया कि जिन नक्सलियों ने सरेंडर किया है उन्हें जेल भेजा गया है और जिन्होंने नहीं किया है वह ऊपर जा रहे हैं। आपने कहा कि मध्यप्रदेश में कानून के अनुसार ही कार्य संचालित हो रहे हैं तथा इससे खिलवाड़ करने की किसी को इजाजत नहीं है। अग्रिबाण से बातचीत में डॉ. मोहन यादव ने बताया कि उज्जैन सांप्रदायिक सौहाद्र्र की एक मिसाल बनकर पूरे देश में उभरा है और उदाहरण के तैार पर 2028 में जो सिंहस्थ का आयोजन उज्जैन में होने जा रहा है उसमें मेला और मंदिर मार्ग पर जो मकान है वह अन्य समाज के लोगों द्वारा स्वेच्छा से हटाए जा रहे हैं जिससे कि सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों लोगों की यात्रा सुगम हो। यहाँ चौड़ीकरण कार्य किया जा रहा है जिसमें जैन समाज, मुस्लिम समाज, सिख समाज एवं हिन्दू मंदिरों के हिस्सों को हटाकर सभी वर्गों ने सहयोग दिया।