img-fluid

इंदौर की ‘स्वच्छ’ हवा का काला सच! MPPCB की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा, जांच में मिली 5 गंभीर खामियां

January 09, 2026

इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर (Indore) के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) की एक आधिकारिक जांच ने शहर की ‘स्वच्छ वायु’ के दावों की हवा निकाल दी है। जांच में खुलासा हुआ है कि इंदौर का Air Quality Index (AQI) अक्सर “संतोषजनक” केवल इसलिए दिखता है क्योंकि उसे मापने का तरीका ही वैज्ञानिक रूप से गलत है।

बगीचों में छिपे स्टेशन
जांच की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इंदौर नगर निगम (IMC) ने अधिकांश मॉनिटरिंग स्टेशन (CAAQMS) शहर के सबसे प्रदूषित और व्यस्त ट्रैफिक वाले इलाकों के बजाय बगीचों, पार्कों और ग्रीन बेल्ट में लगा रखे हैं।

MPPCB writes to IMC


  • सच्चाई का अंतर
    जब शहर के पॉश और हरियाली वाले इलाकों (जैसे एयरपोर्ट या रीजनल पार्क) में AQI 42 से 90 के बीच दर्ज हो रहा था, उसी समय शहर के वास्तविक ट्रैफिक जंक्शन छोटी ग्वालटोली (रीगल स्क्वायर) में प्रदूषण का स्तर 200 के पार था। इन ‘ग्रीन जोन’ स्टेशनों के कारण शहर का औसत AQI कम हो जाता है, जिससे लाखों नागरिकों को असली प्रदूषण की गंभीरता का पता ही नहीं चलता।

    MPPCB की जांच में मिली 5 गंभीर खामियां
    प्रदूषण बोर्ड की संयुक्त निरीक्षण टीम ने 29-30 दिसंबर, 2025 को जब शहर के स्टेशनों का मुआयना किया, तो व्यवस्था की पोल खुल गई।

    अवैज्ञानिक प्लेसमेंट: स्टेशन मुख्य सड़कों से दूर ऐसी जगह हैं जहाँ हवा स्वाभाविक रूप से साफ रहती है। यह आम जनता द्वारा ली जाने वाली वास्तविक सांस का प्रतिनिधित्व नहीं करता।

    वेंडरों की भारी लापरवाही: स्टेशनों पर रखे गए कैलिब्रेशन गैस सिलेंडर एक्सपायरी डेट पार कर चुके थे। शर्मनाक बात यह है कि कई जगहों पर एक्सपायरी डेट को खुरच कर मिटाने की कोशिश की गई थी।

    तकनीकी धोखाधड़ी: डेटा में बड़ी विसंगतियां पाई गईं। कई बार PM2.5 की वैल्यू PM10 से ज्यादा दर्ज की गई, जो वैज्ञानिक रूप से असंभव है। यह कच्चे डेटा के साथ छेड़छाड़ की ओर इशारा करता है।

    फिल्टर पेपर का दोबारा इस्तेमाल: नियमों के खिलाफ जाकर एक ही फिल्टर रिबन का बार-बार उपयोग किया गया, जिससे धूल के कणों की सही माप नहीं हो पाई।

    निगरानी का अभाव: इंदौर नगर निगम का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इन स्टेशनों के संचालन या ऑडिट की सुध लेने वाला नहीं मिला।


  • स्वास्थ्य पर मंडराता खतरा
    इंदौर की स्वच्छता निर्विवाद है, लेकिन PM2.5 और PM10 का स्तर जब 350-400 के पार जाता है, तो यह फेफड़ों और हृदय रोगों का सीधा निमंत्रण है। रिपोर्ट बताती है कि छोटी ग्वालटोली जैसे इलाकों में रहने वाले दुकानदार, राहगीर और निवासी रोजाना जहरीली हवा सांस में ले रहे हैं, जबकि सरकारी आंकड़े उन्हें ‘सब ठीक है’ का भरोसा दिला रहे हैं।

    MPPCB के निरीक्षण पत्र का सारांश- “जब तक मॉनिटरिंग स्टेशन असली प्रदूषण वाले हॉटस्पॉट पर नहीं लगेंगे, तब तक इंदौर का AQI डेटा केवल एक कागज का टुकड़ा है। MPPCB ने इंदौर नगर निगम को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि जब तक इन खामियों को सुधारा नहीं जाता और स्टेशनों का स्थान नहीं बदला जाता, तब तक वर्तमान डेटा को विश्वसनीय नहीं माना जा सकता।

    Share:

  • इंदौर में धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने वाले युवक की युवती नें की पिटाई

    Fri Jan 9 , 2026
    पुलिस नें आरोपी को किया गिरफ्तार इंदौर। इंदौर (Indore) के लसुड़िया थाना क्षेत्र में धर्म परिवर्तन के दबाव का एक गंभीर मामला सामने आया है, इस दौरान युवती ने आरोपी युवक की जूतों से पिटाई कर दी जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है, पुलिस ने युवती की शिकायत पर धार्मिक स्वतंत्रता […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved