
15 फरवरी से ठेकेदार फर्म द्वारा फाउंडेशन का काम शुरू करने का दावा, प्लांट, मशीनरी, कैम्पस स्थापना के साथ तकनीकी सर्वे भी जारी, आज पीडब्ल्यूडी का प्रेजेंटेशन
7.40 किलोमीटर रहेगी कुल लम्बाई
-306.27 करोड़ रुपए का चार साल पहले दिया था ठेका
– 60 फीसदी ट्रैफिक करेगा एलिवेटेड कॉरिडोर का इस्तेमाल
– एबी रोड के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक जाम से मिल सकेगी निजात
– 31 जनवरी तक ठेकेदार सर्वे पूरा कर रिवाइज्ड जीएडी करेगा प्रस्तुत
– एलिवेटेड कॉरिडोर फोरलेन का रहेगा
– 6.6 किलोमीटर लम्बाई मेन कॉरिडोर की होगी
इंदौर। एबी रोड (AB Road) पर एलआईजी से नवलखा (LIG to Navlakha ) तक जो एलिवेटेड कॉरिडोर (elevated corridor) पीडब्ल्यूडी (PWD) द्वारा बनवाया जा रहा है उसका प्रेजेंटेशन आज 4 बजे रखा गया है। विभाग 4 साल पहले 17 फरवरी 2021 को ही इसके निर्माण का ठेका मेसर्स राजकमल बिल्डर्स इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रालि गुजरात को 306.27 करोड़ रुपए में दे चुका है। इस 7.40 किलोमीटर लम्बे कॉरिडोर में 6.6 किलोमीटर का हिस्सा मेन कॉरिडोर का रहेगा और इसकी 3 भुजाएं गिटार चौराहा, रतलाम कोठी और व्हाइट चर्च की तरफ उतरेंगी। पीडब्ल्यूडी के मुताबिक ठेकेदार फर्म ने कैम्पस के साथ-साथ प्लांट, मशीनरी भी तैयार कर ली है और सेंटर लाइन मार्किंग का काम भी मौके पर जारी है। बीआरटीएस हटाने के बाद अब इस कॉरिडोर के माध्यम से एबी रोड का 60 फीसदी ट्रैफिक इस पर से गुजरेगा, जिससे नीचे का जो वर्तमान रोड रोड है उस पर ट्रैफिक कंजेशन, यानी यातायात का दबाव कम होगा। 15 फरवरी से फाउंडेशन का काम शुरू करने का दावा भी किया गया है।
कलेक्टर शिवम वर्मा के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर से जुड़े मामलों की जो समीक्षा बैठक ली थी उसी में इस एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी गई थी और अब उसी का क्रियान्वयन किया जाना है। आज लोक निर्माण विभाग द्वारा इस कॉरिडोर को लेकर विस्तृत जानकारी दी जाएगी, जिसमें अधिकारियों के साथ-साथ सभी जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। वहीं पीडब्ल्यूडी के मुताबिक इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 350 करोड़ रुपए आंकी गई थी और 4 साल पहले ही इसका ठेका भी दे दिया था, मगर बीआरटीएस कॉरिडोर और अन्य तकनीकी कारणों से निर्माण शुरू नहीं हो पाया। मगर अब चूंकि बीआरटीएस ही हट गया है तो ऐसे में इस फोरलेन के एलिवेटेड कॉरिडोर से एलआईजी से लेकर नवलखा तक का सफर सुगम हो सकेगा। इसमें अभी पुराने एबी रोड की चौड़ाई 30 मीटर है और कॉरिडोर निर्माण के लिए जो पिलर बनेंगे उसके लिए सिर्फ 3 मीटर जगह लगेगी और उसके बाद फिर पुराने एबी रोड पर भी सिक्स लेन में ट्रैफिक चलने लगेगा। वहीं नए एबी रोड की चौड़ाई मास्टर प्लान में 60 मीटर, यानी 200 फीट है। वहां पर यह एलिवेटेड नहीं बन रहा है। इस एलिवेटेड कॉरिडोर की एक भुजा गिटार चौराहा पर उतरेगी, जिससे रिंग रोड से खजराना, बंगाली चौराहा, साकेत की तरफ से आने वाला ट्रैफिक नवलखा चौराहा, बस स्टैंड रेलवे स्टेशन और एनएच-3 की तरफ सुगमता से चल सकेगा। वहीं दूसरी भुजा गीता भवन चौराहा पर रतलाम कोठी की ओर, यानी मधुमिलन चौराहा की तरफ उतरेगी, जिससे नवलखा की तरफ से आने वाले यातायात को मधुमिलन चौराहा, रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड की तरफ जाने के लिए सुगम मार्ग उपलब्ध हो सकेगा। इससे जीपीओ, शिवाजी वाटिका और एमवाय चौराहा पर यातायात जाम की स्थिति भी नहीं रहेगी। इसी तरह तीसरी भुजा शिवाजी वाटिका चौराहा पर व्हाइट चर्च की ओर, यानी पीपल्याहाना जाने वाले रास्ते की तरफ रहेगी, जिससे पीपल्याहाना और रिंग रोड की तरफ से आने वाला ट्रैफिक नवलखा, बस स्टैंड या अन्य जगह बाधारहित चल सकेगा। अभी शिवाजी वाटिका चौराहा पर सबसे अधिक समय लगता है और यहां पर भी ट्रैफिक जाम की स्थिति लगातार रहती है। उससे इस एलिवेटेड कॉरिडोर से राहत मिलेगी। पीडब्ल्यूडी के मुताबिक इस कॉरिडोर का भूमिपूजन भी मुख्यमंत्री द्वारा 17 जनवरी 2024 को किया जा चुका है और अब 15 फरवरी से ठेकेदार कार्य स्थल पर फाउंडेशन का काम शुरू कर देगा। वहीं 31 जनवरी तक ठेकेदार द्वारा रिवाइज्ड जीएडी प्रस्तुत की जाएगी।
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