
ठेकेदार फर्म यूआरसी कंस्ट्रक्शन को लिखित में कॉर्पोरेशन ने दी सूचना
इंदौर। मुख्यमंत्री (CM) के निर्देश पर इंदौर मेट्रो (metro) के एलिवेटेड (elevated) और अंडरग्राउंड रूट (Underground Route) में परिवर्तन का जो निर्णय लिया गया उसके चलते मध्यप्रदेश मेट्रो कॉर्पोरेशन ने 5 किलोमीटर के एलिवेटेड कॉरिडोर का जो ठेका यूआरसी कंस्ट्रक्शन (URC Construction) को 543 करोड़ (543 crore) में सौंपा था उसे खत्म करने की लिखित सूचना कम्पनी को दे दी है। हालांकि अब कम्पनी ऑर्बिट्रेशन के जरिए करोड़ों रुपए के हर्जाने का दावा भी लगाएगी, क्योंकि रोबोट से एमजी रोड तक 5 किलोमीटर का ठेका उसे मिला और मौके पर सिर्फ रोबोट से खजराना तक 1.3 किलोमीटर का एलिवेटेड कॉरिडोर ही बनवाया। उसके आगे से अंडरग्राउंड रूट रखने का निर्णय लिया गया है।
पहले तो डेढ़ साल तक इंदौर मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट का काम इसीलिए ठप पड़ा रहा, क्योंकि विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की आपत्ति रही। नतीजतन मेट्रो कॉर्पोरेशन ने गांधी नगर से लेकर रेडिसन चौराहा तक 17 किलोमीटर के एलिवेटेड कॉरिडोर पर ही काम जारी रखा। पिछले दिनों इंदौर में हुई बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए कि अंडरग्राउंड रूट खजराना के बाद से शुरू किया जाए, जो कि पहले एमजी रोड से शुरू होना था। हालांकि अभी तक कैबिनेट में इस आशय का प्रस्ताव नहीं आया है, क्योंकि सर्वे के बाद पता चलेगा कि अंडरग्राउंड रूट 3 किलोमीटर से अधिक बढ़ा देने से कॉस्टिंग कितनी बढ़ गई है। एक मोटा अनुमान है कि 1500 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च होगी और दूसरी तरफ जिस कम्पनी यूआरसी कंस्ट्रक्शन को रोबोट चौराहा से खजराना, बंगाली, पलासिया चौराहा होते हुए एमजी रोड तक 5 किलोमीटर लम्बा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाना था और उसका ठेका 543 करोड़ में न सिर्फ सौंपा, बल्कि वर्कऑर्डर के साथ काम भी शुरू करवा दिया। रोबोट से लेकर खजराना चौराहा तक ही अब यह कम्पनी एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण करेगी, उसके आगे काम न करने की कम्पनी को लिखित में मेट्रो कॉर्पोरेशन ने सूचना दे दी है। ऐसे में कम्पनी को जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई के लिए वह ऑर्बिट्रेशन के जरिए करोड़ों का हर्जाना भी वसूल करेगी, क्योंकि कम्पनी को साढ़े 5 करोड़ का ठेका मिला और सिर्फ 1.3 किलोमीटर में ही काम करवाया। दूसरी तरफ अभी एयरपोर्ट के साथ-साथ रीगल सहित अन्य जगह अंडरग्राउंड के लिए बनने वाले स्टेशनों का काम अवश्य शुरू करवाया है। हालांकि इसमें भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
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