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ट्रंप की ग्रीनलैंड जिद पर यूरोपीय संसद ने टर्नबेरी डील पर लगाया ‘ब्रेक

January 22, 2026

वाशिंगटन। ग्रीनलैंड (Greenland) को लेकर अमेरिका (America) और यूरोप आमने-सामने हैं। धमकियों के बीच बड़े-बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। इसी बीच यूरोपीय संसद ने बुधवार को अमेरिका और यूरोपीय संघ (United States and European Union) के बीच जुलाई 2025 में हुए महत्वपूर्ण व्यापार समझौते (Turnberry Deal) की मंजूरी प्रक्रिया को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को खरीदने या अधिग्रहित करने की बार-बार की जा रही मांगों और विरोध करने वाले यूरोपीय देशों पर टैरिफ की धमकियों के जवाब में लिया गया है।



  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार समिति के अध्यक्ष बर्न्ड लैंग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका एक यूरोपीय संघ सदस्य देश (डेनमार्क) की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को खतरे में डाल रहा है तथा टैरिफ को जबरदस्ती का हथियार बना रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक ग्रीनलैंड पर धमकियां और टैरिफ की धमकियां जारी रहेंगी, तब तक इस समझौते पर कोई आगे का काम नहीं होगा। यूरोपीय संसद ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड की संप्रभुता के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई है।

    बता दें कि टर्नबेरी डील पिछले साल जुलाई में स्कॉटलैंड के टर्नबेरी में हुई थी, जिसमें अमेरिकी औद्योगिक सामानों पर टैरिफ हटाने और यूरोपीय सामानों पर सीमित टैरिफ का प्रावधान था। इसे व्यापार युद्ध टालने का प्रयास माना गया था। लेकिन ग्रीनलैंड विवाद ने इसे खतरे में डाल दिया है, और यूरोपीय नेता अब जवाबी कार्रवाई जैसे एंटी-कोर्सियन इंस्ट्रूमेंट पर विचार कर रहे हैं।

    वहीं, ट्रंप ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच पर अपने भाषण में ग्रीनलैंड को ‘तुरंत वार्ता’ के लिए ‘छोटी मांग’ बताया और बल प्रयोग से इनकार किया, लेकिन इसके रणनीतिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह द्वीप अमेरिका, रूस और चीन के बीच स्थित है तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है। हालांकि, कुछ दिन पहले उन्होंने ट्रुथ सोशल पर धमकी दी थी कि अगर डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, फिनलैंड और ब्रिटेन ग्रीनलैंड सौदे का विरोध करते हैं तो 1 फरवरी से 10% टैरिफ लगाया जाएगा, जो 1 जून से बढ़कर 25% हो जाएगा।

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