
इंदौर-भोपाल को होल्ड पर रख 28 जिलों के अजा अध्यक्ष घोषित
इंदौर। आखिरकार भाजपा (BJP) ने अनुसूचित जाति मोर्चे (Scheduled Castes Front) के 28 जिलाध्यक्ष घोषित कर ही दिए। इंदौर (Indore) और भोपाल (Bhopal) जैसे शहरों को अभी होल्ड पर रखा गया है, जहां दावेदारों के बीच घमासान जारी है। अध्यक्ष बनने के इच्छुक दावेदार अपने-अपने राजनीतिक आकाओं (Political patrons) के माध्यम से नेताओं पर पॉलिटिकल प्रेशर बनाने में जुटे हैं।
इंदौर में संगठन का कोई न कोई पद बड़े मायने रखता है। भाजपा के सभी मोर्चा और प्रकोष्ठ के गठन को लेकर तैयारियां चल रही हैं। कहा जा रहा है कि अप्रैल तक संगठनात्मक और सत्ता में नियुक्तियां पूरी हो जाएंगी, ताकि आगे के कार्यक्रमों को सुचारु रूप से चलाया जा सके। अनुसूचित जाति मोर्चे ने 28 जिलों के अध्यक्षों की घोषणा कर दी। इन सभी जिलों में अध्यक्षों के नाम पर नेताओं और प्रदेश अध्यक्ष भगवान परमार में एकराय बन गई थी। फिलहाल ऐसे ही शहरों को घोषित किया गया है, जहां कोई विवाद नहीं है। हालांकि इससे उलट इंदौर में अजा वर्ग के कई नेता दावेदारी को लेकर नगर संगठन पर दबाव बनाए हुए हैं। शहर में वाल्मीकि समाज और अहिरवार समाज के लोग बड़ी संख्या में हैं और इन्हीं की राजनीति करने वाले नेताओं को जिलाध्यक्ष के रूप में मौका मिल सकता है। इनमें राजा चौहान, मुकेश कैरो, टीनू चौहान, बबद वेद, विवेक करोसिया, सोनू अहिरवार, नितेश खांडेकर के नाम शामिल हैं। सभी अपने-अपने हिसाब से अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कर रहे हैं। इसी को लेकर इंदौर की घोषणा अभी रोक दी गई है।