
नई दिल्ली: शेयर बाजार से कमाई करने वालों के लिए आज यानी बुधवार (28 जनवरी 2026) का दिन काफी अच्छा रहा. मंगलवार यानी कल हुई India-EU Trade Deal का असर आज Share Market पर देखने को मिल रहा है, इस डील ने निवेशकों के बीच भरोसा बढ़ाया और मार्केट को जोश से भर दिया. शुरुआती कारोबार में Sensex 600 अंकों की तूफानी तेजी से भागते हुए 82503.97 के स्तर को भी छू गया, वहीं दूसरी ओर Nifty 50 ने भी 150 अंकों से ज्यादा की बढ़त के साथ 25372 के स्तर को भी पार कर लिया.
मार्केट में आई इस तेजी से शेयर मार्केट से कमाई करने वाले निवेशकों ने 3 लाख करोड़ रुपए की जमकर कमाई की है. BSE में लिस्ट हुई कंपनियों का भी कुल मार्केट कैप बढ़कर 456 लाख करोड़ पहुंच गया है. चलिए आपको बताते हैं कि कौन से हैं वो 4 कारण जिस वजह से आज शेयर मार्केट में तेजी देखने को मिली है.
शेयरों में आई इस तेजी के पीछे की सबसे बड़ी वजह भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौता है. इस समौझते का मकसद ज्यादातर सामानों पर टैरिफ को कम करना और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना है. यह समझौता बढ़ते ग्लोबल ट्रेड टेंशन के बीच दो-तरफा व्यापार को बढ़ावा देने और अमेरिका पर निर्भरता कम करने के लिए बनाया गया है.
शेयर बाजार को मजबूत होते रुपये से सपोर्ट मिला, बुधवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 11 पैसे बढ़कर रुपया 91.57 पर पहुंच गया. रुपये में ये तेजी लंबे समय तक दबाव के बाद आई है, क्योंकि कमजोर डॉलर ने एक तरफा मांग को कम किया, जिससे पिछले कुछ हफ्तों में करेंसी पर दबाव पड़ा था.
डॉलर इंडेक्स मंगलवार को 4 साल के निचले स्तर पर फिसल गया, जिससे पिछले हफ्ते लगभग 2 फीसदी गिरने के बाद नुकसान और बढ़ गया है. इस हफ्ते इसमें पहले ही 1.5 फीसदी की और गिरावट आई है, जिससे रुपये सहित उभरते बाजार की करेंसी को राहत मिली है और भारतीय इक्विटी में पॉजिटिव माहौल बना है.
डॉलर इंडेक्स जो 6 प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले अमेरिकी करेंसी को मापता है, पिछले सेशन में 1% से ज्यादा गिरने के बाद 96.114 पर आ गया. इसका चार साल का निचला स्तर 95.566 रहा है यानी डॉलर इंडेक्स अब चार साल के निचले स्तर के काफी करीब पहुंच चुका है.
भारतीय बाजार को मजबूत ग्लोबल माहौल से राहत मिली, क्योंकि ट्रेड टेंशन कम होने के संकेतों के बाद पूरे एशिया में रिस्क सेंटीमेंट में सुधार हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया मिलकर कोई समाधान निकालेंगे और उन्होंने एशियाई देश से इंपोर्ट पर टैरिफ 25 फीसदी तक बढ़ाने की अपनी पिछली धमकी से पीछे हट गए जिससे एशियाई शेयर बाजार ने इसपर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है.
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