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इंदौर मेट्रोपॉलिटन से बदलेगी सूरत महापौर ने पेश किया अपना चौथा निगम बजट

April 07, 2026

  • 92 करोड़ का बताया घाटा, 8443 करोड़ होंगे खर्च
  • नया कर नहीं… पुरानी घोषणाओं को करेंगे दो साल में पूरा
  • शेरो-शायरी और कविताओं से महापौर ने दिया बजट भाषण
  • २०५० में इंदौर की आबादी ९० लाख होगी पार
  • ६०० करोड़ के लोन तो ५०० करोड़ ठेकेदारों की देनदारी
  • अपने चौथे बजट में बड़ी घोषणाएं करने से बचे महापौर
  • भागीरथपुरा की घटना पर बोले-आंसू भी हमारे और दर्द भी हमारा
  • आज बजट भाषण पर बजी तालियां, कल विपक्ष करेगा चीर-फाड़
  • प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री का भी किया उल्लेख

इंदौर, राजेश ज्वेल
महापौर (Mayor) पुष्यमित्र भार्गव (Pushyamitra Bhargav) ने आज अपना शहर के प्रथम सेवक के रूप में चौथा (Fourth) डिजिटल बजट (Budget) पेश किया, जिसमें कोई भी नया कर नहीं लगाने का दावा तो किया, वहीं बड़ी घोषणाओं से भी बचे। महापौर के मुताबिक, अब दो साल में की गई घोषणाओं को अमल में लाने और भागीरथपुरा जैसी घटना फिर से न हो, उस पर विशेष फोकस किया गया है। भागीरथपुरा की घटना पर उन्होंने कहा कि आंसू भी हमारे और दर्द भी हमारा… इस घटना के चलते इंदौर की स्वच्छ छवि को धूमिल करने के भी प्रयास किए गए। अपने बजट भाषण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के मार्गदर्शन का भी उल्लेख किया।


  • इंदौर मेट्रोपॉलिटन से शहर की सूरत बदलने और उद्योग, व्यापार, अर्थव्यवस्था का बड़ा केन्द्र बनने के साथ विजन 2050 को अपने बजट की टैगलाइन बताया। 5 फीसदी आरक्षित निधि के चलते 92 करोड़ के घाटे का बजट बना है। वैसे 8455 करोड़ की आय और 8443 करोड़ का व्यय 2026-27 के बजट में बताया गया है। नर्मदा के चौथे चरण के साथ मास्टर प्लान की 23 सडक़ों के निर्माण को प्रमुख रूप से बजट में उल्लेखित किया गया है। उन्होंने इस बार जो 1 हजार करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व एकत्रित हुआ उसके लिए शहर के करदाताओं का आभार भी माना। दोगुना जल और मजबूत कल की बात कहते हुए महापौर ने नर्मदा के चौथे चरण का उल्लेख किया, जिसमें 1500 करोड़ रुपए से अधिक के चार पैकेजों में काम शुरू किया गया है, वहीं इंदौर के इतिहास में पहली बार 423 करोड़ रुपए की लागत से 23 मास्टर प्लान की सडक़ों के निर्माण के साथ चंदन नगर ब्रिज को भी उपलब्धि बताया। साथ ही निगम का पोर्टल तैयार होने और डिजिटल इंदौर का सपना साकार होने की बात भी कही। निगम ने 8455 करोड़ की आय और 8443 करोड़ का व्यय अपने इस वित्त वर्ष के बजट में बताया है, मगर चूंकि 5 फीसदी आरक्षित निधि का प्रावधान अनिवार्य है, जिसके चलते लगभग 92 करोड़ के घाटे का बजट बना है। अभी निगम पर 600 करोड़ का लोन और लगभग 500 करोड़ की देनदारी शेष है।

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