
स्मार्ट सिटी के सीईओ और एमआईसी मेंबर ने किया दौरा, मार्केट से होने वाली आय कलेक्टोरेट और निगम को मिलेगी
इंदौर। वल्लभनगर (Vallabhnagar) के वर्षों पुराने जर्जर मार्केट (jarjar maarket) को तोडक़र वहां नया मार्केट बनाने के मामले में लगातार दिक्कतें आ रही हैं। पहले नजूल विभाग (Nazul Department) ने इस जमीन पर अपना दावा ठोंका था तो योजना उलझन में पड़ गई थी। कल स्मार्ट सिटी (Smart City) के सीईओ और एमआईसी मेंबर (MIC Member) ने वहां दौरा कर स्थिति देखी और बावड़ी को लेकर खुदाई करने को कहा, ताकि सारा मामला साफ हो सके। मार्केट से होने वाली आय कलेक्टोरेट और निगम को मिलेगी।
वल्लभनगर के मार्केट को तोडक़र नया बनाए जाने का प्रस्ताव पिछले दिनों स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट द्वारा तैयार किया गया था। वहां नीचे के हिस्सों में दुकानें बनाने के साथ-साथ ऊपरी हिस्सों में आवासीय फ्लैट बनाने की तैयारी थी, लेकिन इसी बीच नजूल विभाग ने जमीन पर अपना दावा प्रस्तुत कर दिया था।ज्ञातव्य है कि वहां वर्षों पुरानी निगम की दुकानें हैं और निगम आज तक उनसे किराया लेता रहा है। इस मामले को लेकर अब सहमति बनी है कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और कलेक्टोरेट के नजूल विभाग द्वारा संयुक्त रूप से इसके लिए मंजूरी दे दी जाए और पुराने मार्केट को तोडक़र मिलने वाली जमीन पर नया मार्केट बनाया जाए। कल स्मार्ट सिटी के सीईओ दिव्यांक सिंह और एमआईसी मेंबर नंदकिशोर पहाडिय़ा ने अफसरों के साथ वहां दौरा किया और स्थिति देखी। इसी दौरान वहां वर्षों पुरानी बावड़ी का मामला भी सामने आया। अफसरों से कहा गया कि बावड़ी के आसपास के हिस्सों की खुदाई कराई जाए, ताकि पता चल सके कि बावड़ी कितनी पुरानी है और उसमें आव की स्थिति क्या है। खुदाई से यह स्थिति भी स्पष्ट होगी कि बावड़ी के आसपास के हिस्सों में बड़े मार्केट की बिल्डिंग के लिए बेसमेंट बनाया जा सकता है अथवा नहीं। अधिकारियों के मुताबिक पीपीपी मॉडल पर बनाए जाने मार्केट से जो भी आय होगी, वह कलेक्टोरेट के नजूल विभाग और नगर निगम में समान रूप से बंटेगी।
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