
उज्जैन। महाकाल मंदिर में प्रतिदिन कई क्विंटल लड्डू प्रसाद का निर्माण होता है और अन्नक्षेत्र भी चलाया जा रहा है। यहाँ गैस टंकी तथा पीएनजी की पूर्ण व्यवस्था है।
गैस संकट के बीच भी महाकालेश्वर मंदिर में भोग-प्रसाद की व्यवस्था बिना किसी रुकावट जारी रहेगी। मंदिर प्रशासन ने साफ किया है कि श्रद्धालुओं को प्रसाद में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। मंदिर समिति में सहायक प्रशासनिक अधिकारी मूलचंद जूनवाल के मुताबिक, फिलहाल गैस सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। मंदिर का अन्नक्षेत्रम् और लड्डू यूनिट दोनों पहले की तरह सुचारू रूप से काम कर रहे हैं। यहां रोजाना बड़ी मात्रा में प्रसाद तैयार किया जाता है और इसकी आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा है। महाकाल के अन्न क्षेत्र में भोजन निर्माण के लिए एलपीजी के अलावा पीएनजी कनेक्शन भी है।
भोग-प्रसाद पर नहीं पड़ेगा असर….
अधिकारियों का कहना है कि अभी तक न तो एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई में कोई बाधा आई है और न ही पाइपलाइन गैस (पीएनजी) में कोई कमी देखी गई है। ऐसे में श्रद्धालुओं को मिलने वाला भोग-प्रसाद पहले की तरह लगातार मिलता रहेगा।
रोज बनते हैं 40 क्विंटल लड्डू..
मंदिर की लड्डू यूनिट में प्रतिदिन करीब 40 क्विंटल प्रसाद तैयार किया जाता है। यह यूनिट मुख्य रूप से पीएनजी पर संचालित होती है, जबकि अन्नक्षेत्रम् में कमर्शियल एलपीजी का उपयोग होता है। दोनों व्यवस्थाएं फिलहाल पूरी क्षमता के साथ चल रही हैं।
सप्लायरों से सीधा संपर्क..
मंदिर समिति ने गैस सप्लाई बनाए रखने के लिए तीन अलग-अलग सप्लायरों से संपर्क स्थापित किया है। सभी सप्लायरों ने पर्याप्त स्टॉक होने का भरोसा दिया है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्थिति में बाबा महाकाल के भोग में बाधा नहीं आने दी जाएगी।
इमरजेंसी प्लान तैयार….
संभावित संकट को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है। रोजाना गैस की खपत का ऑडिट किया जा रहा है, ताकि जरूरत पडऩे पर वैकल्पिक व्यवस्था तुरंत लागू की जा सके।
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