
इंदौर। इंदौर नगर निगम के अधिकारियों और पार्षदों के बीच शुरू हुए विवाद को समाप्त करने के लिए प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा आयोजित की गई बैठक में अधिकारियों की जमकर घेराबंदी की गई। इस बैठक में भाजपा के नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने एक और नया कदम उठा लिया। उन्होंने कहा कि अब अधिकारी भी दौरा करने जाएं तो क्षेत्र के पार्षद को लेकर जाएं।
निगम के बिलावली जोनल कार्यालय के वार्ड क्रमांक 74 में नगर निगम द्वारा शुरू किए गए समग्र जांच अभियान में क्षेत्र के पार्षद और निगम के अधिकारियों का टकराव शुरू हो गया था। इसके बाद में यह मामला तूल पकड़ गया और दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करा दिया गया। यह मामला और ज्यादा आगे बढ़ता उसके पहले कल रेसीडेंसी कोठी में विजयवर्गीय द्वारा इस मामले को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विजयवर्गीय ने कहा कि यह शहर हम सबका है। यहां पर मिलकर काम करेंगे तो ही काम चल पाएगा। उन्होंने नगर निगम द्वारा वार्ड क्रमांक 74 में शुरू की गई कार्रवाई को उचित और जरूरी बताया, लेकिन कहा कि इस तरह की कार्रवाई करने के लिए पहले हमें पार्षद को भरोसे में लेना होगा और जनता को सूचित करना होगा। इस शहर की तासीर को आप लोगों को समझना होगा।
आप जनता को भरोसे में लेकर कम करो तो काम चलेगा। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इस पूरे अभियान के बारे में मुझे भी कोई जानकारी नहीं दी गई थी। जब अभियान चालू हो गया और अखबारों में खबरें छपीं तब मुझे मालूम पड़ा। जब यह लोग महापौर को ही जानकारी नहीं दे रहे हैं तो फिर पार्षद तो बहुत दूर की बात हो जाती है। बैठक में आयुक्त दिलीपकुमार यादव ने भी यह स्वीकार किया कि वह पार्षदों के साथ समन्वय नहीं कर पाए। कलेक्टर शिवम वर्मा ने भी इस बात को दोहराया कि हम कुछ भी कम करें, लेकिन उस काम के बारे में पहले हमें सभी को विश्वास में लेना चाहिए। इस बैठक में भाजपा के नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि हमेशा पार्षद पार्टी के कार्यालय पर आकर यह शिकायत करते हैं कि अधिकारी उनकी नहीं सुनते हैं। इस तरह की घटना से यह स्पष्ट होता है कि अधिकारी मनमानी करने में लगे हैं। आयुक्तजी आप चाहे कर्मचारियों के नेता बनो या अधिकारियों के, लेकिन निगम में परिषद भाजपा की है। यदि पार्षदों की उपेक्षा होगी तो पार्टी को मैदान में आना पड़ेगा। इस तरह का अभियान चलाने के लिए पहले जनता को समय देना चाहिए। आयुक्त भी यदि कहीं पर दौरा करने जाते हैं तो उन्हें उस दौरे में उस क्षेत्र के पार्षद को अपने साथ लेना चाहिए। बैठक में मंत्री तुलसीराम सिलावट ने भी अधिकारियों को पार्षदों को भरोसे में लेकर काम करने के लिए कहा।
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