
नई दिल्ली। मिजोरम (Mizoram) में निवारक उपायों (Preventive measures) में सुधार के बावजूद वयस्कों में HIV प्रसार दर देश में सबसे अधिक 2.75 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 0.20 प्रतिशत से काफी ज्यादा है। मिजोरम राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (Mizoram State AIDS Control Society) की परियोजना निदेशक डॉ. जेन आर राल्टे ने कहा कि राज्य में 2018 से एचआईवी संक्रमण के नए मामलों (New cases of HIV infection) में गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने बताया कि मिजोरम राष्ट्रीय एचआईवी रोकथाम रैंकिंग में वर्ष 2025-26 में दो पायदान चढ़कर तीसरे स्थान पर आ गया है जबकि 2024-25 में यह पांचवें स्थान पर था।
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के अनुसार, एड्स निवारक उपायों और इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों के मामले में मिजोरम ने अभूतपूर्व प्रगति की है। नए एचआईवी संक्रमण के मामलों में साल 2018 से लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘इस सकारात्मक रुझान के बावजूद, मिजोरम अब भी देश में सबसे अधिक वयस्क एचआईवी प्रसार दर (2.75 प्रतिशत) वाला राज्य बना हुआ है, जो 0.20 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है।’ राल्टे ने बताया कि अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच 1.4 लाख से अधिक रक्त नमूनों का परीक्षण किया गया, जिनमें से कम से कम 3,257 में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई। इन संक्रमित व्यक्तियों में 179 गर्भवती महिलाओं समेत 953 महिलाएं शामिल थीं।
अब तक कुल 33,781 मामले सामने आए
डॉ. राल्टे ने बताया कि एचआईवी के सर्वाधिक मामले 25-34 वर्ष के आयु वर्ग में पाए गए हैं। मिजोरम में एचआईवी का पहला मामला अक्टूबर 1990 में सामने आया था और अब तक कुल 33,781 मामले सामने आ चुके हैं। एमएसएसीएस के एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल राज्य में लगभग 26,321 लोग HIV से संक्रमित हैं। राल्टे ने यह जानकारी भी दी कि अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच सामने आए 3,257 नए एचआईवी मामलों में से 70.4 प्रतिशत में संक्रमण का कारण यौन संबंध था। उन्होंने बताया कि इसके अलावा मादक पदार्थों का सेवन करने और विभिन्न लोगों द्वारा एक ही सुई से इंजेक्शन लगाने के कारण 27.3 प्रतिशत, माता-पिता से बच्चों में संक्रमण फैलने के 1.8 प्रतिशत, और अज्ञात कारणों से संक्रमण फैलने के 0.8 प्रतिशत मामले सामने आए।
HIV संक्रमण की उच्च दर को करो नियंत्रित
स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने कहा कि राज्य सरकार HIV संक्रमण की उच्च दर को नियंत्रित करने के लिए कई ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि मिजोरम में 14 एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां फिलहाल 18,355 संक्रमित मरीजों को मुफ्त उपचार किया जा रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार अब गिरजाघरों के साथ मिलकर विवाह से पहले एचआईवी का परीक्षण कराने के लिए जागरूकता फैलाने पर विचार कर रही है ताकि लोग अपनी सेहत को लेकर अधिक सतर्क और जिम्मेदार बनें।
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