उज्जैन। इस वर्ष श्रावण-भादौ मास में निकलनेवाली बाबा महाकाल की सवारियों (rides of baba mahakal) को लेकर चल रहा उहापोह समाप्त हो गया है। सूत्रों का दावा है कि प्रशासन और मंदिर प्रबंध समिति ने निर्णय ले लिया है कि सवारी गत वर्ष की तरह हरसिद्धि होकर रामघाट जाएगी और हरसिद्धि की पाल से हरसिद्धि होकर पुन: मंदिर आएगी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस मामले में अगले सप्ताह में क्राइससे मैनेजमेंट कमेटी की बैठक बुलाकर निर्णय ले लिया जाएगा।
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