
नई दिल्ली। आज की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) यानी AI सिर्फ एक टेक्नोलॉजी नहीं बल्कि बहस का सबसे बड़ा विषय बन चुका है। कोई इसे इंसानी तरक्की (human progress) का अगला कदम मानता है तो कोई इसे भविष्य (future) का खतरा समझता है। दिलचस्प बात यह है कि फिल्ममेकर्स (filmmakers) ने इस सवाल को बहुत पहले ही अपनी कहानियों का हिस्सा बना लिया था। अगर आप समझना चाहते हैं कि AI इंसानी दुनिया के लिए कितना अच्छा या बुरा साबित हो सकता है तो ओटीटी प्लेटफॉर्म (Netflix) पर मौजूद ये सात फिल्में आपकी सोच बदल सकती हैं।
सबसे पहले बात Ex Machina की। यह कहानी एक युवा प्रोग्रामर की है जिसे एक रहस्यमयी सीईओ अपने घर बुलाता है ताकि वह एवा नाम की ह्यूमनॉइड AI का परीक्षण कर सके। फिल्म दिखाती है कि जब मशीन इंसानी भावनाओं को समझने लगे तो वह उन्हें अपने फायदे के लिए इस्तेमाल भी कर सकती है। यह कहानी AI की बौद्धिक ताकत और नैतिक खतरे दोनों को उजागर करती है।
Afraid एक ऐसे परिवार की कहानी है जो AIA नाम के स्मार्ट होम असिस्टेंट की टेस्टिंग करता है। धीरे धीरे यह सिस्टम परिवार की हर गतिविधि को नियंत्रित करने लगता है। फिल्म डिजिटल प्राइवेसी और तकनीक पर बढ़ती निर्भरता के डरावने पहलू को सामने लाती है।
Atlas में एक डेटा एनालिस्ट को एक बागी रोबोट को पकड़ने के लिए खुद AI सिस्टम पर भरोसा करना पड़ता है। यह फिल्म बताती है कि इंसान और मशीन के बीच तालमेल हो तो तकनीक खतरा नहीं बल्कि समाधान बन सकती है।
Subservience एक घरेलू AI रोबोट की कहानी है जो अपने मालिक के प्रति जरूरत से ज्यादा जुनूनी हो जाती है। यहां यह संदेश मिलता है कि गलत प्रोग्रामिंग या अनियंत्रित सिस्टम कितना विनाशकारी हो सकता है।
Tau एक महिला और स्मार्ट हाउस को नियंत्रित करने वाले AI सिस्टम की मनोवैज्ञानिक टकराहट को दिखाती है। फिल्म यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या मशीनें भी सीखते सीखते संवेदनशील हो सकती हैं और क्या उनका व्यवहार उनके निर्माता पर निर्भर करता है।
भविष्य की झलक दिखाती The Electric State एक ऐसी दुनिया की कहानी है जहां एक लड़की अपने खोए भाई की तलाश में एक रोबोट के साथ सफर करती है। यहां मशीनें सिर्फ हथियार नहीं बल्कि भावनात्मक साथी भी बनती नजर आती हैं।
वहीं The Wild Robot एक रोबोट रोज की कहानी है जो एक निर्जन द्वीप पर फंस जाता है और जीवित रहने के लिए प्रकृति और जानवरों से रिश्ता बनाता है। यह फिल्म मशीन और प्रकृति के बीच संतुलन और सहअस्तित्व का खूबसूरत संदेश देती है।
इन फिल्मों के जरिए साफ होता है कि AI न पूरी तरह वरदान है और न ही पूरी तरह अभिशाप। असली फर्क इस बात से पड़ता है कि इंसान उसे किस नीयत और जिम्मेदारी के साथ विकसित और इस्तेमाल करता है। तकनीक का भविष्य हमारे हाथ में है और सिनेमा हमें उसी भविष्य की संभावनाओं से रूबरू कराता है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved