
जयपुर । जयपुर (Jaipur) के एक निजी स्कूल (private schools) की चौथी मंजिल से कथित तौर पर कूदने के बाद 9 साल की बच्ची अमायरा (Baby girl Amyra) की दुखद मौत हो गई. यह चौंकाने वाली घटना शनिवार को हुई, जब बच्ची ने लगभग 48 फीट की ऊंचाई से छलांग लगा दी, जो उसके लिए जानलेवा साबित हुई. अमायरा को पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच पाई.
बच्ची के रेलिंग से कूदने का सीसीटीवी भी आया है सामने
जानकारी के अनुसार पुलिस के पास मौजूद सीसीटीवी फुटेज में बच्ची रेलिंग से गिरती हुई दिखाई दे रही है. गिरने के बाद जिस अस्पताल में बच्ची को ले जाया गया, वहां के डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. सूत्रों के अनुसार प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि बच्ची ने आत्महत्या की है, हालांकि स्कूल प्रशासन ने अभी तक इस मामले में अपना बयान नहीं दिया है.
इसके अलावा जानकारी के अनुसार जब पुलिस अधिकारी स्कूल पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि जिस जगह पर बच्ची गिरी थी, उसे मिटा दिया गया था और वहां खून के कोई धब्बे नहीं थे. वहीं अमायरा के माता-पिता सदमे में हैं और उन्होंने स्कूल प्रशासन के खिलाफ संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है. परिवार ने सवाल उठाया है कि स्कूल परिसर में ऐसी घटना कैसे हो सकती है और इस मामले में शिक्षण स्टाफ की जांच की मांग की है.
साथ ही परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर इस मामले में चुप्पी साधने और सहयोग न करने का आरोप लगाया गया है. 9 वर्षीय अमायरा का परिवार जयपुर के मानसरोवर में रहता है. अमायरा के पिता बैंकिंग क्षेत्र में कार्यरत हैं. जबकि पिता एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं. वह इकलौती संतान भी थी.
मामले में संयुक्त अभिभावक संघ ने क्या कहा
संयुक्त अभिभावक संघ ने आरोप लगाया है कि नीरजा मोदी स्कूल में एक शिक्षिका द्वारा प्रताड़ित किए जाने के बाद लड़की ने आत्महत्या कर ली. उन्होंने स्कूल प्रशासन पर सबूत नष्ट करने का भी आरोप लगाया और मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की.
आपको बता दें कि जयपुर के प्रतिष्ठित निजी स्कूल नीरजा मोदी स्कूल में हुई दुखद घटना ने पूरे शिक्षा जगत को झकझोर कर रख दिया है. खबरों के अनुसार कक्षा 6 की एक छात्रा ने अपनी कक्षा शिक्षिका द्वारा प्रताड़ित किए जाने से आहत होकर 5वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. घटना की सूचना मिलने पर संयुक्त अभिभावक संघ, राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल और प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे.
दोनों प्रतिनिधियों ने स्कूल परिसर में लगभग चार घंटे बिताकर सच्चाई जानने की कोशिश की. लेकिन स्कूल प्रशासन ने कोई भी जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया. इसके अलावा जिस स्थान से लड़की ने छलांग लगाई थी, वहां सबूत नष्ट करने के प्रयास भी देखे गए, जिससे गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
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