
उज्जैन। वाहन मालिकों के लिए यह राहत भरी खबर है। मध्यप्रदेश में लंबे समय से लंबित नंबर रिटेंशन सुविधा अब अंतिम चरण में पहुँच गई है। इस सुविधा के लागू होने के बाद दोपहिया और चार पहिया वाहन बेचने या स्क्रेप कराने पर भी वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर मालिक के पास सुरक्षित रहेगा। यानी नया वाहन खरीदने पर पुराना नंबर फिर से अलॉट कराया जा सकेगा।
एक ओर तो प्रदेश की सड़कों से 15 साल पुरानी गाडिय़ों को हटाने का अभियान चल रहा है। वहीं दूसरी ओर परिवहन विभाग ने इनके नंबरों को लेकर चल रही ऊहापोह को भी समाप्त कर दिया है। अब परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों को यह सुविधा दी है कि आप चाहें तो अपनी पुरानी गाड़ी का नंबर जस का तस रख सकते हैं। हालांकि इसके लिए वाहन मालिक को शुल्क भुगतान करना होगा। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए मप्र परिवहन विभाग नियमों में संशोधन करने जा रहा है। विभाग ने इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। यह सुविधा लागू होने के बाद वीआइपी, फैंसी और विशेष नंबर लेने वाले वाहन मालिकों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। ऐसे नंबरों के लिए लोग हजारों से लेकर लाखों रुपए तक खर्च करते हैं, लेकिन वाहन बेचते ही अब तक नंबर भी हाथ से निकल जाता था।
अन्य राज्यों में पहले से लागू
देश के कई राज्यों में यह सुविधा पहले से सफलतापूर्वक चल रही है। पंजाब, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में वाहन मालिक अपने पसंदीदा नंबर सुरक्षित रख पा रहे हैं। इन राज्यों में नंबर रिटेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन और निर्धारित शुल्क की व्यवस्था है, जिससे प्रक्रिया आसान हो जाती है।
नंबर रिटेंशन सुविधा
नंबर रिटेंशन का मतलब है कि वाहन मालिक अपने पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर अपने नाम पर सुरक्षित रख सकेगा, भले ही वह वाहन बेच दिया जाए या स्क्रैप कर दिया जाए। बाद में नया वाहन खरीदने पर वही नंबर फिर से अलॉट कराया जा सकेगा।
नंबर रिटेंशन लागू होने के बाद
वाहन बिकेगा, लेकिन नंबर विक्रेता के नाम सुरक्षित रहेगा।
नया वाहन खरीदने पर वही नंबर दोबारा लगाया जा सकेगा।
पसंदीदा और वीआईपी नंबर हमेशा मालिक की पहचान बने रहेंगे।
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