वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान (US and Iran) के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय समुद्री (Indian Marine) हितों और नाविकों की सुरक्षा पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान पर संभावित समझौते की शर्तों को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। साथ ही उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर कथित ड्रोन हमलों को लेकर सख्त चेतावनी भी दी।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान की ओर से कथित तौर पर लीक की गई शर्तों को “फर्जी” बताते हुए कहा कि उनका वास्तविक वार्ता से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान समझौते को लेकर भ्रामक जानकारी फैला रहा है और ऐसे माहौल में भरोसे के साथ बातचीत करना मुश्किल है।
भारतीय जहाजों को निशाना बनाए जाने के दावों पर ट्रंप का रुख और सख्त नजर आया। उन्होंने कहा कि होर्मुज क्षेत्र से गुजर रहे भारतीय जहाजों पर कथित ड्रोन हमला स्वीकार नहीं किया जा सकता और ईरान को अपनी गतिविधियों में जल्द बदलाव करना चाहिए।
यह तनाव भारत के लिए कई वजहों से संवेदनशील माना जा रहा है। भारत दुनिया में नाविकों की बड़ी आपूर्ति करने वाले देशों में शामिल है और खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं। इसके अलावा वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है, ऐसे में यहां अस्थिरता भारत की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर असर डाल सकती है।
हाल के दिनों में क्षेत्र में भारतीय चालक दल वाले जहाजों से जुड़ी घटनाओं ने चिंता बढ़ाई है। कुछ जहाजों पर हमलों और सैन्य कार्रवाई की खबरों के बाद भारत ने नागरिक जहाजों की सुरक्षा का मुद्दा गंभीरता से उठाया है।
ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब एक दिन पहले उन्होंने अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत दिए थे। हालांकि, ईरानी पक्ष की ओर से सामने आई शर्तों और वॉशिंगटन की प्राथमिकताओं में अंतर बताया जा रहा है। परमाणु कार्यक्रम, तेल निर्यात और क्षेत्रीय संघर्षों को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
इस बीच माना जा रहा है कि आगामी G7 summit के दौरान Narendra Modi और ट्रंप के बीच मुलाकात में भारतीय जहाजों और नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठ सकता है। भारत के लिए यह सिर्फ कूटनीतिक तनाव नहीं, बल्कि आर्थिक हितों और नागरिक सुरक्षा से जुड़ा बड़ा सवाल बनता जा रहा है।
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