
बेंगलुरु (Bangalore) । कर्नाटक (Karnataka) के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Chief Minister Siddaramaiah) के परिवार के खिलाफ कथित अपमानजनक ट्वीट (objectionable tweet) के आरोप में पुलिस ने शुक्रवार सुबह भारतीय जनता पार्टी (BJP) की महिला कार्यकर्ता (women workers) को गिरफ्तार (Arrested) किया, लेकिन बाद में शहर की एक अदालत ने उसे जमानत दे दी। कुछ दिन पहले भाजपा कार्यकर्ता एचएस शकुंतला ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से पूछा था कि क्या वह कॉलेज के वॉशरूम के अंदर छात्राओं के फिल्मांकन को महज बच्चों का खेल कहेंगे।
ट्वीट के जरिए भाजपा कार्यकर्ता शंकुथला ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को टैग करते सवाल पूछा था। उन्होंने लिखा था, ‘कांग्रेस के मुताबिक कॉलेज के वॉशरूम के अंदर छात्राओं की वीडियोग्राफी करना महज बच्चों का खेल है। क्या मुख्यमंत्री इसे बच्चों का खेल कहेंगे, अगर उनकी बहू या पत्नी इसकी शिकार हुई हों।’
इस मुद्दे को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उडुपी में कथित तौर पर मामले को दबाने के लिए राज्य सरकार को घेरते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कर्नाटक भाजपा ने झूठे मामले दर्ज करने और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना की।
इस बीच, उडुपी में एक न्यायिक मज्ट्रिरेट प्रथम श्रेणी अदालत ने शुक्रवार को काडेकर में नेत्र ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ अलाइड हेल्थ साइंसेज की तीन महिला छात्रों को अग्रिम जमानत दे दी, जिन पर वॉशरूम में अपने कॉलेज के साथी का ताक-झांक वीडियो रिकॉर्ड करने का आरोप है। कॉलेज प्रबंधन के सदस्यों ने भी अग्रिम जमानत ली है। पुलिस ने 25 जुलाई को ऑप्टोमेट्री में डप्लिोमा के दूसरे वर्ष की पढ़ाई कर रहे तीन छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
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