
पेरिस. पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका (US) और इस्राइल (Israel) के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी इस्राइल और खाड़ी देशों में मैजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब अपना 28वां दिन पार कर रहा है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। इसी उग्र हालात के बीच अब अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio ) का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका अपने लक्ष्य हफ्तों में पूरा कर सकता है, महीनों में नहीं और इसके लिए जमीनी सेना भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
फ्रांस में जी7 देशों की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने कहा कि अमेरिका बिना जमीनी सेना के भी अपने सैन्य लक्ष्य हासिल कर सकता है। उन्होंने जोर दिया कि यह ऑपरेशन अब और ज्यादा लंबा नहीं चलेगा। यह जंग कुछ हफ्तों में खत्म हो सकती है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर चिंता भी जताई
इसके साथ ही मार्को रुबियो ने खास तौर पर होर्मुज जलसंधि का जिक्र किया। यह दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग माना जाता है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान इस रास्ते को बंद करता है या जहाजों को रोकता है, तो यह गैरकानूनी और खतरनाक होगा। उन्होंने कहा कि जंग खत्म होने के बाद भी इस रास्ते को खुला रखना एक बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए अमेरिका अंतरराष्ट्रीय सहयोग की चाहता है।
अब समझिए ईरान की क्या तैयारी है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान की संसद इस बात पर विचार कर रही है कि इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से टोल (पैसा) लिया जाए। ऐसे में इस समय अगर ऐसा होता है, तो दुनिया भर के तेल व्यापार पर असर पड़ सकता है। दूसरी ओर अगर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर ताजा अपडेट की बात करें तो रुबियो ने कहा कि अमेरिका अभी यह साफ होने का इंतजार कर रहा है कि ईरान की तरफ से बातचीत कौन करेगा।रुबियो ने यह भी कहा कि जो हथियार यूक्रेन के लिए भेजे जा रहे हैं, उन्हें अभी ईरान के खिलाफ इस्तेमाल नहीं किया जा रहा, लेकिन भविष्य में ऐसा हो सकता है।
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