
नई दिल्ली. राजनीति (Politics) और मेल-मिलाप की दुनिया में जुबान का बहुत बड़ा रोल होता है और इस बार पाकिस्तान (Pakistan) के रक्षा मंत्री (Defense Minister) ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif) अपनी ही बातों में फंस गए हैं. कल तक जो मंत्री इजरायल के खिलाफ लगातार आग उगल रहे थे और बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे, इजरायल की एक घुड़की के बाद अब उनके तेवर ठंडे पड़ गए हैं. दरअसल, एक तरफ तो पाकिस्तान दुनिया को दिखा रहा है कि वह अमेरिका और ईरान के बीच दोस्ती करा रहा है और शांति की बातें कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ उनके मंत्री के बिगड़े बोल ने पूरा मामला खराब कर दिया है
हुआ यह कि ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर इजरायल को लेकर बहुत ही कड़वी बातें लिख दीं. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, उन्होंने इजरायल को बुराई और इंसानियत के लिए अभिशाप कह डाला. यही नहीं, उन्होंने उन लोगों को भी बुरा-भला कहा जिन्होंने इजरायल को बनाया है. ख्वाजा आसिफ का कहना था कि जब इस्लामाबाद में शांति की बातें चल रही हैं, उसी समय लेबनान और गाजा में निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं. उनके इस बयान में इजरायल के प्रति काफी गुस्सा और नफरत साफ दिख रही थी.
इस बयान के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का इजरायल को लेकर दिया गया बयान आपत्तिजनक है. उनके मुताबिक, किसी भी सरकार से इस तरह का बयान स्वीकार नहीं किया जा सकता, खासकर उस देश से जो खुद को शांति का निष्पक्ष मध्यस्थ बताता है. इजरायल की इस फटकार के बाद पाकिस्तान की काफी फजीहत हो रही है.
नफरत भरी भाषा और शांति की कोशिशें साथ नहीं चल सकतीं
इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया. उन्होंने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ तो आप शांति करवाने का दावा कर रहे हैं और दूसरी तरफ आपके मंत्री जहर उगल रहे हैं. इजरायल ने दो टूक शब्दों में कह दिया कि वह अपनी रक्षा करना बखूबी जानता है. इस फटकार के बाद, जो मंत्री लगातार पोस्ट पर पोस्ट कर रहे थे, अब उनकी तरफ से खामोशी नजर आ रही है.
यह पूरा मामला पाकिस्तान के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है, क्योंकि वह इस समय पूरी दुनिया के सामने अपनी अच्छी इमेज बनाने की कोशिश कर रहा था. अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों की जो शांति हुई है, उसका श्रेय पाकिस्तान खुद लेना चाहता है. लेकिन उनके रक्षा मंत्री के इस एक बयान ने पाकिस्तान की उस अच्छी छवि को काफी चोट पहुंचाई है, जिसे चमकाने की वह लंबे समय से मेहनत कर रहा था.
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस खींचतान का असर होने वाली शांति वार्ता पर भी पड़ेगा? इजरायल ने तो साफ कह दिया है कि उसे पाकिस्तान का यह दोहरा रवैया बिल्कुल पसंद नहीं आया. इस पूरी बात से यही समझ आता है कि जब आप दुनिया के बड़े मंच पर शांति की बातें करते हैं, तो आपकी भाषा भी वैसी ही होनी चाहिए. देखना यह होगा कि इजरायल की इस फटकार के बाद ख्वाजा आसिफ और पाकिस्तान की सरकार अपनी सफाई में क्या कहती है.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved