
नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा (Hindi Cinema) के इतिहास में कई ऐसे किस्से दर्ज हैं जो पर्दे के पीछे के रिश्तों और उस दौर के सितारों की सोच को सामने लाते हैं। ऐसा ही एक चर्चित प्रसंग अभिनेत्री Jaya Bachchan (Jaya Bachchan), सुपरस्टार Rajesh Khanna (Rajesh Khanna) और अभिनेता Amitabh Bachchan (Amitabh Bachchan) से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि वर्ष 1972 में रिलीज हुई फिल्म Bawarchi (Bawarchi) की शूटिंग के दौरान घटी कुछ घटनाओं ने जया बच्चन और राजेश खन्ना के संबंधों (Relations) में ऐसी दूरी पैदा कर दी, जो फिर कभी कम नहीं हो सकी।
उस दौर में राजेश खन्ना हिंदी फिल्म उद्योग के सबसे बड़े सितारे माने जाते थे। उनकी लोकप्रियता अपने चरम पर थी और उनकी लगभग हर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल कर रही थी। दूसरी ओर अमिताभ बच्चन अपने करियर के शुरुआती संघर्ष के दौर से गुजर रहे थे और इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने का प्रयास कर रहे थे। उसी समय जया बच्चन और अमिताभ बच्चन के बीच नजदीकियां बढ़ रही थीं और दोनों एक-दूसरे के काफी करीब माने जाते थे।
फिल्म ‘बावर्ची’ की शूटिंग के दौरान अमिताभ बच्चन अक्सर जया बच्चन से मिलने सेट पर पहुंच जाया करते थे। विभिन्न संस्मरणों और प्रकाशित विवरणों के अनुसार, राजेश खन्ना को यह बात खास पसंद नहीं थी। बताया जाता है कि वह कई बार जया बच्चन से अमिताभ के साथ समय बिताने को लेकर सवाल करते थे और उनके भविष्य को लेकर भी टिप्पणियां करते थे। उस समय अमिताभ बच्चन को फिल्म उद्योग में वह स्थान नहीं मिला था जो बाद में उन्हें मिला।
राजेश खन्ना के जीवन पर आधारित चर्चित पुस्तक में भी इस प्रसंग का उल्लेख मिलता है। पुस्तक में बताया गया है कि राजेश खन्ना ने जया बच्चन से कहा था कि उन्हें अमिताभ बच्चन के साथ घूमना-फिरना बंद कर देना चाहिए। ऐसी टिप्पणियां जया बच्चन को पसंद नहीं आती थीं, लेकिन उन्होंने उस समय इस विषय पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
बताया जाता है कि एक दिन अमिताभ बच्चन फिल्म के सेट पर जया से मिलने पहुंचे। उसी दौरान राजेश खन्ना ने अमिताभ को अपेक्षित महत्व नहीं दिया और उन्हें नजरअंदाज कर दिया। यह घटना जया बच्चन को बेहद खराब लगी। उनके करीबी लोगों के अनुसार, जया को लगा कि एक संघर्षरत कलाकार के प्रति इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। इसी घटना ने उनके मन में गहरी नाराजगी पैदा कर दी।
कहा जाता है कि इस घटना के बाद जया बच्चन ने स्पष्ट रूप से अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने भविष्य में राजेश खन्ना के साथ काम न करने का निर्णय ले लिया। बाद के वर्षों में भी दोनों कलाकार किसी फिल्म में साथ दिखाई नहीं दिए। हालांकि दोनों ने अपने-अपने करियर में उल्लेखनीय सफलता हासिल की और हिंदी सिनेमा को कई यादगार फिल्में दीं।
फिल्म ‘बावर्ची’ की बात करें तो यह राजेश खन्ना के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में गिनी जाती है। निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी की इस फिल्म ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया और राजेश खन्ना को एक अलग अंदाज में प्रस्तुत किया। फिल्म आज भी अपनी सादगी, पारिवारिक मूल्यों और बेहतरीन अभिनय के लिए याद की जाती है। वहीं इससे जुड़ा यह किस्सा हिंदी सिनेमा के इतिहास की चर्चित घटनाओं में शामिल हो चुका है।
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