
नई दिल्ली । फिल्मी दुनिया में कलाकारों का संघर्ष (Conflict) अक्सर पर्दे के पीछे ही रह जाता है लेकिन कुछ कहानियां (Stories) ऐसी होती हैं जो यह साबित कर देती हैं कि एक्टर य़(Actor) अपने किरदार के लिए किस हद तक जा सकता है रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की फिल्म पद्मावत (The Film Padmaavat )से जुड़ा एक ऐसा ही किस्सा सामने आता है जो उनके जुनून और समर्पण की मिसाल बन चुका है
इस फिल्म में रणवीर सिंह ने एक बेहद चुनौतीपूर्ण किरदार निभाया था जिसे जीवंत बनाने के लिए उन्होंने खुद को पूरी तरह उस भूमिका में ढाल लिया था शूटिंग के दौरान उनकी हालत इतनी खराब हो गई थी कि उन्हें कई बार उल्टी तक हुई और यहां तक कि खून भी निकलने लगा लेकिन इसके बावजूद उन्होंने शूटिंग रोकने का नाम नहीं लिया
रणवीर सिंह ने एक इंटरव्यू में इस अनुभव को साझा करते हुए बताया था कि फिल्म की शूटिंग के दौरान लगातार काम करना पड़ा था शेड्यूल इतना टाइट था कि उन्हें बिना रुके कई दिनों तक काम करना पड़ा भारी भरकम कॉस्ट्यूम और मानसिक दबाव ने उन्हें पूरी तरह थका दिया था लेकिन उनके पास रुकने का कोई विकल्प नहीं था
उन्होंने बताया कि कई बार ऐसा होता था कि 6 से 8 दिन लगातार शूटिंग करने के बाद कलाकारों को आराम दिया जाता है ताकि वे अगले सीन के लिए तैयार हो सकें लेकिन उनके मामले में ऐसा संभव नहीं था उन्हें 30 से ज्यादा दिनों तक लगातार शूट करना पड़ा और इसी दौरान उनकी शारीरिक स्थिति बिगड़ने लगी
फिल्म का एक गाना खली बली भी उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ इस गाने की शूटिंग के दौरान वह इतनी ज्यादा थक चुके थे कि ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे लेकिन फिर भी उन्होंने पूरे जोश के साथ डांस किया उनका कहना था कि उस समय उनका शरीर और दिमाग दोनों ही जवाब दे चुके थे लेकिन प्रोफेशनल कमिटमेंट ने उन्हें रुकने नहीं दिया
इतना ही नहीं फिल्म के क्लाइमेक्स में होने वाला युद्ध सीन भी काफी कठिन था जहां उन्हें भारी कॉस्ट्यूम पहनकर लंबे समय तक शूटिंग करनी पड़ी गर्मी के मौसम में कई लेयर वाले कपड़े पहनना और आसपास जलते टायरों के बीच अभिनय करना बेहद मुश्किल था इसी दौरान उन्हें बार बार उल्टियां हुई और खून आने जैसी स्थिति भी बनी लेकिन उन्होंने शूट पूरा किया
अपने किरदार में पूरी तरह उतरने के लिए रणवीर सिंह ने खुद को 21 दिनों तक एक कमरे में बंद कर लिया था ताकि वह मानसिक रूप से उसी दुनिया में रह सकें यह उनके अभिनय के प्रति समर्पण को दिखाता है कि वह अपने रोल को केवल निभाते नहीं बल्कि उसे जीते हैं
यह कहानी सिर्फ एक फिल्म की नहीं बल्कि उस मेहनत और जुनून की है जो एक कलाकार को असाधारण बनाता है रणवीर सिंह का यह अनुभव दर्शाता है कि सफलता के पीछे कितनी मेहनत और दर्द छिपा होता है और यही समर्पण उन्हें दर्शकों के बीच खास बनाता है
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