
नई दिल्ली। पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने गुरुवार को एएनआई से बातचीत में कहा कि वह ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए तेहरान जाएंगे। इस दौरान सलमान खुर्शीद ने स्पष्ट किया कि वह कांग्रेस पार्टी की ओर से ईरान में आयोजित होने वाले राजकीय अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होंगे और पार्टी का प्रतिनिधत्व करेंगे। उनके इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि कांग्रेस इस कार्यक्रम में अपना आधिकारिक प्रतिनिधित्व भेजेगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ईरान की सरकार ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा को आमंत्रित किया है। इसके अलावा ईरान ने जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के साथ-साथ पांच प्रमुख शिया धर्मगुरुओं को न्योता भेजा। जिनमें सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह और इमरान अंसारी शामिल हैं। ईरान ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्तार अब्बास नकवी को भी आमंत्रित किया गया है।
सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 3 जून को ईरानी अधिकारियों ने पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए तीन दिवसीय सार्वजनिक अंतिम संस्कार आयोजित करने की योजना की घोषणा की थी। खामेनेई की मौत ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त सैन्य अभियान के शुरुआती दिनों में हुई थी।
तेहरान के डिप्टी मेयर मोहम्मद अमीन तवाकोली-ज़ादेह ने बताया कि अंतिम संस्कार से जुड़े श्रद्धांजलि कार्यक्रम राजधानी तेहरान के अलावा कोम और मशहद जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों में भी आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के लिए प्रशासनिक तैयारियाँ पूरी की जा रही हैं।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 4 जुलाई से शुरू होंगे। 7 जुलाई को तेहरान के दक्षिण में स्थित पवित्र शहर कोम में विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे, जबकि 9 जुलाई को उत्तर-पूर्वी ईरान के पवित्र शहर मशहद में उनके अंतिम संस्कार और दफन की प्रक्रिया पूरी होगी।
इस्लामी परंपरा के अनुसार किसी व्यक्ति का दफन यथाशीघ्र, आदर्श रूप से 24 घंटे के भीतर किया जाता है। हालांकि युद्ध जैसी असाधारण परिस्थितियों में इस नियम से अपवाद की अनुमति दी जाती है, जिसके कारण अंतिम संस्कार कार्यक्रम को बाद की तारीखों तक टाला गया। फरवरी से ही अंतिम संस्कार की समय-सीमा को लेकर विभिन्न तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। शुरुआती रिपोर्टों में जून के अंत तक कार्यक्रम होने की संभावना जताई गई थी, लेकिन बाद में ईरानी सरकारी मीडिया ने आधिकारिक तौर पर जुलाई में अंतिम संस्कार कार्यक्रम आयोजित किए जाने की पुष्टि की।
सूत्रों के अनुसार, 24 जून को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार और दफन समारोह में शामिल होने के लिए आधिकारिक निमंत्रण भेजा था। इसे दोनों देशों के संबंधों के लिहाज़ से एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि भारत की तरफ से इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बिहार के राज्यपाल और विदेश राज्य मंत्री जा रहे हैं।
अयातुल्ला अली खामेनेई ने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का लगभग 36 वर्षों तक नेतृत्व किया। उनकी मौत तेहरान पर हुए सैन्य हमलों के शुरुआती चरण में हुई थी, जिसने पूरे क्षेत्र की राजनीतिक और सामरिक परिस्थितियों को प्रभावित किया।
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