
नई दिल्ली। क्या सच में फिल्मों से वो जादुई रोमांस (magical romance)गायब हो रहा है, जिसे देखकर दिल देखने जैसा लगता था? इस सवाल का बेहद दिलचस्प और दिलचस्प जवाब दिया है दिग्गज लेखक(Veteran writer) जावेद अख्तर (Javed Akhtar)ने। उनका मानना है कि आधुनिक तकनीक(modern technology) खासकर प्रौद्योगिकी, ने सिर्फ हमारी जिंदगी नहीं बल्कि फिल्मों के रोमांस को भी गहराई से बदल दिया है। एक कार्यक्रम के दौरान आमिर खान के साथ बातचीत में जावेद अख्तर(Javed Akhtar) ने कहा कि टेक्नोलॉजी(technology) ने रोमांस की आत्मा को ही खत्म कर दिया है।
‘इंतजार में था असली रोमांस’
जावेद अख्तर के मुताबिक, रियल रोमांस ‘मिलने’ में नहीं, बल्कि ‘इंतजार’ में होता है। उन्होंने कहा कि पहले प्रेम कहानियों में दूरी और असमानता थी, जो भावनाओं को गहराई तक ले जाती थी। आज के दौर में जब एक क्लिक पर कोई भी इंसान सामने आता है, तो वो बेसब, वो परेशान और वो कल्पना कहीं खो गया है, जो रोमांस की जान हुआ करता था।
रोमियो-जूलियट का उदाहरण चर्चा का केंद्र बना
अपनी बात को कॉमिक्स के लिए जावेद अख्तर ने मशहूर प्रेम कहानी रोमियो और जूलियट का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “अगर रोमियो और जूलियट के पास आज होता है, तो क्या रोमियो अनोखी रात में जूलियट की मूर्ति के नीचे घंटों खड़े रहते हैं?इस सवाल में वहां मौजूद लोगों को जबरदस्ती कर दिया गया और हॉल तालियों से गूंज उठाया गया।
कल्पना ख़त्म, तो जादू भी ख़त्म
जावेद अख्तर ने आगे कहा कि पहले प्रेम में कल्पना की बड़ी भूमिका थी। दूरी की वजह से एक साधारण चेहरा भी बेहद खूबसूरत लग रहा था, क्योंकि उसे देखने पर तसल्ली नहीं मिलती थी।
लेकिन आज के समय में वीडियो कॉल और सोशल मीडिया ने इस कल्पना को ख़त्म कर दिया है। जब सब कुछ तुरंत उपलब्ध हो जाता है, तो रहस्य और आकर्षण भी कम हो जाते हैं।
आमिर खान ने भी रखी दौलत
इस चर्चा के दौरान आमिर खान भी जावेद अख्तर की बातों से पूरी तरह सहमत नजर आए। दोनों के बीच पुरानी दोस्ती रही है और कई बार वे एक-दूसरे के काम की पहचान करते हैं।
वर्क फ्रंट: आमिर की फिल्मों का इंतजार
काम की बात करें तो आमिर खान इन दिनों अपनी फिल्म लाहौर 1947 को लेकर चर्चा में हैं। इसके अलावा उनके बेटे जुनैद खान की फिल्म एक दिन भी फिल्म में बनी हुई है, जिसमें आमिर के कैमियो की शूटिंग चल रही है।
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