
नई दिल्ली। भारतीय सेना (Indian Army) प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी (General Upendra Dwivedi) ने मंगलवार को बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) के दौरान पाकिस्तान (Pakistan) आखिर क्यों सीजफायर (Ceasefire) के लिए अचानक से परेशान हो गया था। उन्होंने बताया कि तीनों सेनाओं को मूवमेंट के लिए निर्देश मिल गए थे, और पाकिस्तान ने ये डॉट्स जोड़ लिए थे। जनरल द्विवेदी ने कहा, ’10 मई की सुबह हमें ऐसे निर्देश मिल गए थे 3 सेनाओं को, और पाकिस्तान ने ये डॉट्स जोड़ लिए थे। उनको समझ में आ गया था इसलिए उन्होंने सीजफायर किया। उनको पता लग गया था कि कहां से शिप, कहां से वॉरशिप, पाइवट, एयरक्राफ्ट, और मूवमेंट हुई है। उनको इमेज के जरिये पता लग गया था, इसलिए ये बड़ा टर्निंग मोमेंट था।’
ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा, ‘जहां तक न्यूक्लियर बयानबाजी की बात है, मैं कहना चाहूंगा कि DGMO के बीच हुई बातचीत के दौरान न्यूक्लियर पर कोई चर्चा नहीं हुई। जो भी न्यूक्लियर बयानबाजी हुई, वह पाकिस्तान के नेताओं या वहां की आम जनता ने की। मेरे पास ऐसा कोई संकेत नहीं है कि सेना की तरफ से ऐसा कुछ कहा गया हो।’ जनरल द्विवेदी ने कहा कि उन 88 घंटों में, आपने देखा कि पारंपरिक जगह को बढ़ाने के लिए सेना की तैनाती ऐसी थी कि अगर पाकिस्तान कोई गलती करता, तो हम जमीनी ऑपरेशन शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार थे।
जनरल द्विवेदी ने कहा, ‘उत्तरी सीमा या LAC पर स्थिति स्थिर है लेकिन सावधानी जरूरी है। उच्च स्तरीय बातचीत और विश्वास बढ़ाने के उपायों से हालात सामान्य हो रहे हैं। यहां घास चराई, हाइड्रोथेरेपी कैंप जैसी गतिविधियां फिर शुरू हुई हैं और हमारी तैनाती मजबूत एवं संतुलित है। पश्चिमी मोर्चे और जम्मू-कश्मीर में स्थिति संवेदनशील लेकिन कंट्रोल में है।’ उन्होंने कहा कि 2025 में 31 आतंकवादियों को मार गिराया गया, जिनमें 65 फीसदी पाकिस्तानी मूल के थे। जनरल द्विवेदी ने कहा कि पहलगाम हमले के तीनों आतंकियों को ऑपरेशन महादेव में मार गिराया गया और अब सक्रिय स्थानीय आतंकवादी सिंगल डिजिट में हैं।
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