
डेस्क: ईरान (Iran) और अमेरिका (America) के बीच टकराव बढ़ता ही जा रहा है. अमेरिका के धमकी देने के बाद अब ईरान की तरफ से भी धमकी दी गई है. इस बीच अब अमेरिका ने किसी भी तरह के संभावित एक्शन के लिए बाकी देशों को भी अपने साथ जोड़ना शुरू कर दिया है. इस कढ़ी में अब अमेरिका अपने ईरान के खिलाफ एक्शन के लिए पाकिस्तान (Pakistan) का भी इस्तेमाल कर सकता है. इसको लेकर एक सीक्रेट डेलीगेशन पाकिस्तान भी पहुंचा था.
दो दिन पहले एक जॉइंट US-इजराइली सीक्रेट डेलीगेशन पाकिस्तानी सेना और इंटेलिजेंस एजेंसियों से सलाह और मदद लेने के लिए इस्लामाबाद पहुंचा था. ताकि ईरानी शासन को हटाने की कोशिशों में तालमेल बिठाया जा सके.
जानकारी के मुताबिक, US-इजराइली सीक्रेट डेलीगेशन ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर के साथ कुछ सीक्रेट बाइलेटरल एग्रीमेंट भी किए, जिनमें सबसे अहम यह था कि अगर ईरानी शासन के खिलाफ संभावित युद्ध तेज होता है, तो पाकिस्तान को अमेरिका और इजराइल को मिलिट्री और लॉजिस्टिक सपोर्ट देना चाहिए, साथ ही ईरान में मौजूदा शासन के खिलाफ सिस्टमैटिक प्रोपेगैंडा में पाकिस्तान की मदद करनी चाहिए और ईरानी लोगों के मन में नए शासन के पक्ष में पब्लिक ओपिनियन बनाने में भी मदद करनी चाहिए.
अमेरिका और इजराइली डेलीगेशन इस पाकिस्तानी मदद के बदले में जनरल आसिम मुनीर पर उनकी तानाशाही नीतियों के कारण दबाव नहीं डालेंगे और पाकिस्तान को सीक्रेट फाइनेंशियल मदद भी देंगे. सूत्रों का यह भी दावा है कि अगर जरूरत पड़ी, तो पाकिस्तान अमेरिका और इजराइल को अपने समुद्री क्षेत्र और कुछ खास एयर बेस का इस्तेमाल करने की इजाजत दे सकता है.
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