
उज्जैन। उज्जैन-इंदौर के बीच 46.475 किमी लंबे सिक्सलेन का 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। त्रिवेणी में शिप्रा नदी पर नवनिर्मित ब्रिज और कई फ्लाईओवर पर भी वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। परियोजना में शांति पैलेस फ्लाईओवर की फिनिशिंग, उज्जैन-इंदौर शहरी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में सर्विस रोड का काम बाकी है। उज्जैन- सिक्सलेन को लेकर एमपीआरडीसी के अधिकारी के अनुसार करीब 1692 करोड़ रुपये प्रोजेक्ट्स को नवंबर 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। काम का 95 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है।
सभी प्रमुख स्ट्रक्चर का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है। कुछ नवनिर्मित फ्लाईओवर, पूल पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। अब कुछ ही काम शेष हैं। उज्जैन और इंदौर शहर की सीमा में सर्विस रोड पर पीक्यूसी बिछाना प्रमुख है। यह नगर निगम की पाइपलाइन और चैंबर संबंधी काम पूरे होने के बाद ही हो सकेगा। सिक्सलेन परियोजना में तीन फ्लाईओवर और छह अंडरपास बनाए गए हैं। प्रमुख स्थानों पर जंक्शन और सर्विस रोड भी विकसित की गई हैं। इनका उद्देश्य मुख्य मार्ग पर यातायात को सुचारु रखना और स्थानीय वाहनों की आवाजाही को आसान बनाना है। प्रोजेक्ट्स का भूमिपूजन 19 सितंबर 2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया था। अब नवंबर तक काम पूरा कर लोकार्पण कराने का लक्ष्य है। बता दें कि उज्जैन के हरिफाटक ब्रिज से इंदौर के अरविंदो मेडिकल कॉलेज तक इस मार्ग को चार लेन से छह लेन में बदला गया है। सड़क चौड़ी होने से दोनों शहरों के बीच वाहनों की आवाजाही की क्षमता बढ़ी है। सामान्य दिनों में उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी इसका लाभ आगे भी मिलना तय है। सिंहस्थ-2028 के दौरान इंदौर की ओर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे। ऐसे में यह मार्ग यातायात व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा। परियोजना से जुड़े एमपीआरडीसी के अधिकारी के अनुसार, काम का 97.54 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है और सभी प्रमुख संरचनाओं का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है। अब कुछ विविध कार्य बाकी हैं। उज्जैन शहर की सीमा में सर्विस रोड पर पीक्यूसी का काम नगर निगम की पाइपलाइन और चैंबर का काम पूरा होने के बाद किया जाएगा। इस हिस्से में काम पूरा होने के बाद परियोजना के शेष कार्यों को अंतिम रूप दिया जा सकेगा।
सिंहस्थ में बढ़ेगी मार्ग की अहमियत
सिंहस्थ-2028 के दौरान इंदौर की ओर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे। ऐसे में यह मार्ग यातायात व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा।
मक्सी रोड बायपास ब्रिज पर स्ट्रीट लाइट बंद, वाहन चालक परेशान
उज्जैन। शहर में लगातार फ्लाय ओवर बन रहे हैं, लेकिन इनके रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकांश पुलों पर रात में स्ट्रीट लाइट बंद रहती हैं। ऐसे में वाहन चालकों को हेडलाइट के भरोसे यहां से गुजरना पड़ता है। पिछले कई महीनों से मक्सी रोड बायपास ब्रिज की स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी है। यही स्थिति शहर के अन्य पुलों की बनी हुई हैं। निर्माणाधीन सड़कों के भी यही हाल है। सबसे ज्यादा गंभीर स्थिति शहर के हरिफाटक चौराहे से महामृत्युंजय द्वार तक बन रही निर्माणाधीन सड़क पर मिली हैं। जिसे अधूरे सुरक्षा इंतजामों के साथ शुरू कर दिया गया है। यहां न लाइट लगी है, न डायवर्जन रेलिंग लगाई है।
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