
डेस्क: अमेरिका (America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने 2027 के लिए रक्षा बजट (Defense Budget) को 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ाने की घोषणा ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है. रक्षा सूत्रों के मुताबिक, यह कदम खासतौर पर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नई हथियारों (New Weapons) की दौड़ को जन्म दे सकता है. विश्लेषकों के मुताबिक, चीन अपने रक्षा खर्च में और इजाफा कर सकता है. आमतौर पर चीन खुद को तेजी से उभरती सैन्य शक्ति के तौर पर पेश करता है. इसके असर से भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों पर भी दबाव बढ़ेगा कि वे चीन की बराबरी के लिए अपने सैन्य बजट में अरबों डॉलर जोड़ें.
गौरतलब है कि हाल में अमेरिकी कांग्रेस ने 2026 के लिए 901 अरब डॉलर का रक्षा बजट मंजूर किया है, जो अब तक का सबसे बड़ा अमेरिकी रक्षा बजट है. इसमें 150 अरब डॉलर का अतिरिक्त फंड भी शामिल है, जिससे कुल राशि 1.05 ट्रिलियन डॉलर हो जाती है.
सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप का नया प्रस्ताव चीन को जवाबी कदम उठाने के लिए मजबूर करेगा, जिससे दुनियाभर में हथियार दौड़ तेज हो सकती है. हालांकि, यह दौड़ शीत युद्ध के दौर जैसी नहीं होगी, बल्कि इसके स्वरूप और समय-सीमा अलग होंगे. चीन अमेरिका की वैश्विक ताकत और डॉलर की भूमिका को चुनौती देने लगा है. वहीं भारत पर सीधा दबाव भले न पड़े, लेकिन चीन के बढ़ते रक्षा खर्च का असर भारत पर जरूर पड़ेगा.
ट्रंप के प्रस्ताव के मुताबिक, 2027 में रक्षा बजट में करीब 500 अरब डॉलर की बढ़ोतरी होगी. सिर्फ यह बढ़ोतरी ही चीन, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के संयुक्त रक्षा बजट से ज्यादा है, जो 2026 में लगभग 473 अरब डॉलर बताया गया है.
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