
इंदौर। शहर के 2 सरकारी अस्पतालों में 226 जुड़वां बच्चों की किलकारियां गूंजीं। अस्पतालों के रिकार्ड के अनुसार 1 जनवरी से 31 दिसम्बर तक सबसे बड़े प्रसूति अस्पताल एमटीएच में भर्ती गर्भवती महिलाओं ने 219 जुड़वां बच्चों को जन्म दिया तो वहीं पीसी सेठी अस्पताल में प्रसूता महिलाओं ने 7 जुड़वां बच्चों को जन्म दिया।
वाकई कुदरत के भी खेल निराले हैं। जहां कई परिवारों में कई इलाज और जतन करने के बाद भी महिलाओं की सूनी गोद हरी-भरी नहीं हो पाती तो कई बार कुदरत ऐसा करिश्मा करती है कि एक के बजाय घरों में एक साथ जुड़वां बच्चों की किलकारियां गूंजने लगती हैं। कई बार तो सिर्फ जुड़वां ही नहीं, बल्कि ट्रिपलेट्स मतलब एक बार में तीन-तीन बच्चे एक साथ जन्म लेते हंै।
3 प्रसूता महिलाओं ने 9 बच्चों को जन्म दिया
इंदौर के एमटीएच हास्पिटल में पिछले साल 2025 में मतलब 12 महीनों में 219 जुड़वां बच्चे पैदा हुए। मतलब गर्भवती महिलाओं ने 438 बच्चों को जन्म दिया तो वहीं जुलाई-अगस्त-सितंबर माह में 3 प्रसूता महिलाओं ने तिड़वां (ट्रिपलेट्स), यानी 9 बच्चों को जन्म दिया।
यह एमटीएच हास्पिटल के 12 महीनों के आंकड़े
जनवरी में 8, फरवरी में 20, मार्च में 14, अप्रैल में 14, मई में 9, जून में 16, जुलाई में 11, अगस्त में 24, सितंबर में 27, अक्टूबर में 32, नवंबर में 24 और दिसंबर माह में 20, इस तरह कुल 219 ट्विंस मतलब जुड़वां बच्चों ने जन्म लिया।
पीसी सेठी अस्पताल में 6 महीनों में 7 जुड़वां जन्मे
एमटीएच हॉस्पिटल में जहां पिछले साल जनवरी से दिसंबर तक हर महीने जुड़वां बच्चों ने जन्म लिया तो वहीं पीसी सेठी अस्पताल में सालभर में से अप्रैल, मई, जून, अगस्त, सितंबर, दिसंबर माह में मतलब सिर्फ 6 महीनों में ही 7 जुड़वां बच्चे जन्मे।
पिछले साल लगातार 12 महीनो में जहां ट्विंस मतलब 219 जुड़वां बच्चों ने जन्म लिया तो वहीं जुलाई, अगस्त, सितंबर माह में ट्रिपलेट्स बच्चे जन्मे। मतलब 219 परिवारों में डबल और 3 परिवारों में तीन -तीन बच्चों की किलकारियां गूंजीं। – डाक्टर सुमित्रा यादव, एमटीएच हास्पिटल, इंदौर
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved