
कल पवित्र स्नान की माघी पूर्णिमा शनि और गुरु के संयोग में मनाई जाएगी, सूर्य व शुक्र भी साथ रहेंगे, धर्मशास्त्रों के अनुसार कल के दिन सभी पवित्र नदियों के जल और वातावरण में विशेष उर्जा आ जाती है।
कल अलसुबह शहर से हजारों श्रृद्धालु नर्मदा और शिप्रा तटों पर स्नान करने रवाना होंगे, शहर के विभिन्न मंदिरों में अनुष्ठान पूजन किए जाएंगे। माघी पूर्णिमा तिथि पूर्णत्व की तिथि मानी जाती है, इस तिथि के स्वामी स्वयं चन्द्रदेव हैं, इस तिथि को चन्द्रमा सम्पूर्ण होता है, सूर्य और चन्द्रमा समसप्तक होते हैं, इस दिन जल और वातावरण में विशेष ऊर्जा आ जाती है। इसलिए नदियों और सरोवरों में स्नान किया जाता है।
यह है…माघ पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त
माघ पूर्णिमा के दिन शुभ मुहूर्त में पूजन और ईश्वर का ध्यान करना अति उत्तम माना जाता है। आज पूर्णिमा तिथि दोपहर 3 बजकर 49 मिनट से प्रारम्भ होकर 27 फरवरी को दोपहर 1 बजकर 46 मिनट तक रहेगी, कल उदया तिथि में स्नान पूजन श्रेष्ठ रहेगा।
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