
इंदौर। घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में एक बार फिर बढ़ोतरी होने से आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ गया है। शनिवार रात तेल कंपनियों ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम 29 रुपए बढ़ा दिए। इसके बाद इंदौर में 14.2 किलो का घरेलू गैस सिलेंडर 941 रुपए से बढक़र 970 रुपए का हो गया है। एक ओर लोगों को महंगे सिलेंडर का बोझ उठाना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर समय पर गैस नहीं मिलने से परेशानी और बढ़ गई है। शहर के कई इलाकों में बुकिंग के बाद 7 दिन में डिलीवरी का दावा करने वाली गैस एजेंसियां 12 से 14 दिन बाद तक सिलेंडर नहीं पहुंचा रही हैं।
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच फरवरी अंत में शुरू हुए युद्ध का असर भारतीय ईंधन आपूर्ति पर अब तक बना हुआ है। सरकार भले ही पर्याप्त तेल और गैस होने की बात कह रही हो, लेकिन युद्ध के बाद से ही गैस सिलेंडरों की आपूर्ति समय पर नहीं हो पा रही है। बुकिंग के बाद जहां गैस कंपनियां 7 दिन में डिलीवरी का आश्वासन देती हैं, वहीं असल में 14 दिन बाद तक डिलीवरी नहीं हो पा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से यह परेशानी लगातार बनी हुई है। कई परिवारों के पास अतिरिक्त सिलेंडर नहीं होने के कारण उन्हें रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहरभर से आ रहीं शिकायतें
एयरपोर्ट रोड, विजयनगर, सुखलिया, स्कीम नंबर-78, द्वारकापुरी, राजेंद्र नगर, अन्नपूर्णा, भंवरकुआं और बाणगंगा सहित कई क्षेत्रों के उपभोक्ताओं ने देरी से गैस मिलने की शिकायत की हैं। कई लोगों का कहना है कि एजेंसी पर संपर्क करने पर हर बार एक-दो दिन में डिलीवरी का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन सिलेंडर निर्धारित समय पर नहीं पहुंचता।
पहले से भुगतान, फिर भी बढ़ी कीमत का संदेश
उपभोक्ताओं की नाराजगी का एक बड़ा कारण यह भी है कि जिन लोगों ने कीमत बढऩे से पहले ही सिलेंडर बुक कर भुगतान कर दिया था, उन्हें भी कल रात बढ़ी हुई कीमत के संदेश प्राप्त हुए। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि समय पर डिलीवरी नहीं होने का खामियाजा उन्हें बढ़ी हुई कीमत के रूप में भुगतना पड़ रहा है। पहले ही डिलीवरी में देरी से परेशान लोग अब ज्यादा कीमत चुकाने की बात से और नाराज है। इसके साथ ही लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि सिलेंडर डिलीवरी के 25 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक कर सकते हैं और फिर सिलेंडर के लिए 14 से 15 दिन का इंतजार करना पड़ता है। यानी दो सिलेंडरों के बीच 40 दिनों का अंतर हो गया है। गांवों में बुकिंग का समय 40 दिन होने से परेशानी और ज्यादा है।
रसोई का बजट फिर बिगड़ा
पहले से महंगाई की मार झेल रहे परिवारों के लिए गैस सिलेंडर के दाम में 29 रुपए की बढ़ोतरी एक और झटका साबित हुई है। सब्जियों, दूध, खाद्य तेल और अन्य जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के बीच अब गैस सिलेंडर भी महंगा हो गया है। मध्यम वर्गीय परिवारों का कहना है कि हर महीने घरेलू खर्चों का संतुलन बनाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
त्योहारों से पहले बढ़ सकती है चिंता
यदि आने वाले दिनों में गैस की आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन में समस्या और बढ़ सकती है। उपभोक्ताओं ने तेल कंपनियों और प्रशासन से समय पर गैस उपलब्ध कराने तथा बुकिंग और डिलीवरी के बीच बढ़ रहे अंतर को कम करने की मांग की है। इससे न केवल लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि बढ़ती शिकायतों पर भी अंकुश लग सकेगा।
एजेंसियां बता रहीं सप्लाई से ज्यादा डिमांड की समस्या
इस मामले में गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि गैस की कमी नहीं है, लेकिन लोग डर के कारण पहले की तुलना में ज्यादा सिलेंडर बुक कर रहे हैं। इस बढ़ी हुई डिमांड की तुलना में सप्लाई सीमित है। वितरण व्यवस्था पर दबाव बढऩे और सप्लाई प्रभावित होने के कारण समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। कई बार गोदामों तक पर्याप्त स्टॉक नहीं पहुंचने से बैकलॉग बढ़ जाता है और डिलीवरी में देरी होती है। हालांकि एजेंसियों का दावा है कि स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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