img-fluid

नौकरी बदलने पर तुरंत न निकाले PF, इतने साल तक मिलता है ब्याज

March 06, 2021

नई दिल्ली। निजी क्षेत्र के बदलते माहौल में लोग तेजी से नौकरी बदलते हैं। लेकिन नौकरी बदलने के साथ पूर्व कंपनी के पीएफ का पूरा पैसा निकाल लेना घाटे का सौदा है। इससे आप अच्छे भविष्य के लिए की जा रही बचत को तो खत्म करते ही हैं, साथ ही पेंशन योजना की निरंतरता भी खत्म हो जाती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कर्मचारी नौकरी छोड़ते हैं या अगर उन्हें किसी वजह से नौकरी से निकाला भी जाता है तो भी पीएफ को तुरंत निकालना समझदारी नहीं है, जब तक कि आपको इसकी सख्त जरूरत न हो। दरअसल, नौकरी छोड़ने के बाद भी पीएफ पर ब्याज मिलता रहता है और नया रोजगार मिलने के साथ ही उसे नई कंपनी में स्थानांतरित कराया जा सकता है।

अगर एक नौकरी छोड़ने के कुछ महीनों बाद दूसरी नौकरी करने लगते हैं और पुरानी कंपनी की पूरी पीएफ राशि को नई में स्थानांतरित करा लेते हैं तो इसे सेवा की निरंतरता माना जाएगा। ऐसे में पेंशन योजना में रुकावट नहीं आएगी। सेवा में निरंतरता के प्रावधान के तहत सुविधाओं का लाभ लेने के लिए अंशदान बराबर देना जरूरी है।

रिटायरमेंट के बाद भी 3 साल तक मिलता है ब्याज
अगर आप रिटायरमेंट के बाद भी पीएफ का पैसा नहीं निकालते हैं तो तीन साल तक ब्याज मिलता रहता है। तीन साल के बाद ही इसे निष्क्रिय खाता माना जाता है। भाटिया के मुताबिक, पीएफ की राशि को ज्यादातर लोग भविष्य की सुरक्षित निधि के तौर पर इकट्ठा रखते हैं और कर मुक्त होने के कारण यह निवेश का अच्छा विकल्प है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा समय तक चलाना समझदारी है।

पैसा निकालना ही है तो केवाईसी (KYC) जरूरी
आपको किसी जरूरत के कारण पैसा निकालना ही है, तो केवाईसी का होना बेहद जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति दो माह तक बेरोजगार रहता है तो पीएफ का पूरा पैसा निकाल सकता है, जबकि नौकरी छोड़ने के एक माह के बाद 75 फीसदी पैसा निकाला जा सकता है। अगर सेवाकाल दस साल से कम का है तो पेंशन का भी पूरा पैसा निकाला जा सकता है। सामान्यतया पीएफ का पूरा पैसा 58 साल की उम्र होने के बाद सेवानिवृत्ति पर ही निकाला जा सकता है।

Share:

  • अहमदाबाद में 3 दिन में ही लहराया तिरंगा, टीम इंडिया ने 3-1 से किया सीरीज पर कब्जा

    Sat Mar 6 , 2021
    भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर दिखा दिया कि दुनिया की किसी भी टीम के पास उसे घर में चुनौती देने की काबिलियत फिलहाल नहीं है। अहमदाबाद (Ahmedabad) में इंग्लैंड (England) के खिलाफ चौथे टेस्ट मैच के तीसरे ही दिन टीम इंडिया (Team India) ने एक पारी और 25 रनों से शानदार जीत दर्ज […]
    सम्बंधित ख़बरें

    फ्रांसीसी गणराज्य के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘लेज्यॉं द’ऑनर’ के नाइट की उपाधि से सम्मानित होंगे सुनील भारती मित्तल
    October 13, 2026
    bhopal

    ‘लेज्यॉं द’ऑनर’ फ्रांस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है  नई दिल्ली। भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक और अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल को फ्रांसीसी गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम इमैनुएल मैक्रों ने राष्ट्रीय सम्मान ‘लेज्यॉं द’ऑनर’  के नाइट की उपाधि से सम्मानित करने की घोषणा की है। नेपोलियन बोनापार्ट ने वर्ष 1802 में ‘लेज्यॉं द’ऑनर’ की स्थापना की थी। यह फ्रांसीसी गणराज्य द्वारा दिए जाने वाला सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। सुनील भारती मित्तल को भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के उनके दीर्घकालिक प्रयासों तथा दूरसंचार और डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए यह सम्मान दिया गया है। इस घोषणा पर फ्रांस के राजदूत थिएरी मातू ने कहा, “सुनील भारती मित्तल वर्ष 1992 में एयरटेल के शुरुआती दिनों से ही तीन दशक से अधिक समय से फ्रांस के मित्र रहे हैं। उन्होंने दशकों से लगातार इन संबंधों को मजबूत किया है और यह दिखाया है कि फ्रांसीसी और भारतीय कारोबारी प्रयास मिलकर क्या हासिल कर सकते हैं। आज वह यूटेलसैट के उपाध्यक्ष के रूप में इन संबंधों को आगे बढ़ा रहे हैं। यह ऐसे समय में हो रहा है, जब हमारे दोनों देश अंतरिक्ष और डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्हें ‘लेज्यॉं द’ऑनर’ प्रदान करके फ्रांसिस गणराज्य के राष्ट्रपति एक ऐसे उल्लेखनीय करोबारी नेता को सम्मानित कर रहे हैं, जिन्होंने भारत में फ्रांस को एक स्थायी साझेदार बनाने में योगदान दिया है।” इस सम्मान पर सुनील भारती मित्तल ने कहा, “फ्रांसीसी गणराज्य द्वारा दिए गए इस गरिमापूर्ण सम्मान से […]

    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved