
हल्द्वानी। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सगे भाइयों का हल्द्वानी (Haldwani) आकर आत्मघाती कदम उठाना कई सवाल खड़ा कर गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि ऐसा ही कदम उठाना था तो दोनों ने सात सौ किमी का सफर (Journey Seven hundred Kilometers) क्यों किया। दोनों का हल्द्वानी में कोई परिचित भी नहीं है, ऐसे में दोनों यहां क्यों आए, यह सवाल भी उलझन बना हुआ है। पुलिस बृजेश की हालत में सुधार का इंतजार कर रही है, ताकि मामले का कारण स्पष्ट हो सके।
एसआई नीतू जोशी ने बताया कि शिवेश और बृजेश के माता-पिता ने पांच महीने पहले विषाक्त गटककर जान दी थी। तब से वह कभी अपने नानी-नाना तो कभी दूसरे रिश्तेदारों के यहां रह रहे थे। माता-पिता के जाने के बाद दोनों तनाव में थे। दोनों भाई लंबे समय से नौकरी की तलाश कर रहे थे लेकिन रोजगार नहीं मिल पा रहा था। यह भी कहा जा रहा है कि दोनों बिना किसी को बताए यहां आए थे।
चार दिन से बंद था फोन
पुलिस के मुताबिक सीडीआर की जांच में पता चला है कि दोनों का फोन चार दिनों से बंद था। घटना की सूचना मृतक शिवेश के मौसा को दी गई है। वह हल्द्वानी के लिए रवाना हो गए हैं। उनके आने के बाद ही पोस्टमार्टम की कार्रवाई होगी।
ये सवाल अब भी बाकी
सगे भाइयों ने सल्फास क्यों गटका?
मध्य प्रदेश से हल्द्वानी आने की क्या वजह रही?
आत्महत्या के लिए जंगल ही क्यों चुना?
मां-बाप ने किस वजह से दी थी जान?
…तो काठगोदाम से लिया सल्फास
सूत्रों के मुताबिक दोनों भाइयों ने काठगोदाम में खाना खाया। इसके बाद दोनों ने एक दुकान से सल्फास खरीदा और नैनीताल रोड की तरफ टैक्सी से गए। इसके बाद जंगल में जाकर सल्फास गटक लिया। पुलिस के पहुंचने तक शिवेश बेहोश था जबकि बृजेश को उल्टियां हो रही थीं। दोनों को रास्ते में उल्टियां भी कराई गईं, इसके बावजूद शिवेश की हालत में सुधार नहीं हुआ।
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