
इंदौर: जूनापीठाधीश्वर (Junapeethadhishwar) आचार्यमहामंडलेश्वर (Acharya Mahamandaleshwar) स्वामी अवधेशानंद जी गिरी (Swami Avdheshanand Ji Giri) की प्रेरणा से समर्पण से संसार पुस्तक द्वारा पीतल की श्रीमद्भगवद्गीता जी को 29/11/25 को रात्रि 8 बजे जारी किया गया। इस पीतल गीता में 54 पृष्ठ मौजूद हैं,गीता के 18 अध्याय व 700 श्लोक मौजूद हैं।
यह महाभारत के भीष्म पर्व का एक हिस्सा है,इसमें भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच कुरुक्षेत्र के युद्धक्षेत्र में हुआ संवाद वर्णित है।पृष्ठ सात इंच लंबा व 5 इंच चौड़ा लिया गया। इसके पृष्ठों की कटाई में 57 मिनट व इसकी PLT फाइल बनाने में 6 घंटे 48 मिनट का समय लगा व छपाई में महज 2 घंटे 40 मिनट का समय लगा। इसे बनाने का निर्णय 27/11/25 को शाम 6.37 बजे हरिद्वार के आदेश पर मल्हारगंज इंदौर मध्यप्रदेश में लिया गया। श्री: कृपा से 28/11/25 को पूर्ण कर लिया गया। इसका पूर्ण आर्थिक वहन स्वामी जी द्वारा किया जा रहा हैं।
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