
इंदौर। हुकमचंद मिल की 17.52 हेक्टेयर जमीन का विकास करने में देश के पांच डेवलपर ने अपनी रुचि प्रदर्शित की है। इन लोगों ने अपने प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत किए हैं, जिसमें बताया गया है कि ये इस जमीन का विकास किस तरह से करना चाहते हैं। अब इस प्रस्ताव के आधार पर राज्य सरकार के स्तर पर फैसला लिया जाएगा।
मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना मंडल द्वारा हुकमचंद मिल की जमीन इंदौर नगर निगम के साथ पार्टनरशिप में प्राप्त की गई है। इस मिल के मजदूरों की 465 करोड़ रुपए की देनदारी गृह निर्माण मंडल द्वारा चुकाई गई है। इसके साथ ही नगर निगम से इस जमीन की रजिस्ट्री गृह निर्माण मंडल के नाम पर करवाई गई है। सरकार द्वारा नीतिगत रूप से यह फैसला लिया जा चुका है कि इस मिल की जमीन में से 60 फीसदी जमीन का उपयोग व्यावसायिक रहेगा, जबकि 40 फीसदी जमीन का उपयोग आवासीय किया जाएगा।
सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले के तहत गृह निर्माण मंडल द्वारा पिछले दिनों एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट जारी करते हुए पूरे देश के डेवलपरों से उनके प्रस्ताव आमंत्रित किए गए थे। इसमें गृह निर्माण मंडल द्वारा डेवलपर से पूछा गया था कि वह कमर्शियल उपयोग वाली जमीन पर क्या निर्माण करना चाहते हैं, जबकि आवासीय उपयोग की जमीन का उपयोग किस तरह से करने में रुचि रखते हैं। कल सोमवार को एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट के तहत प्राप्त हुए प्रस्ताव खोले गए हैं। मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल को इसके तहत पांच प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इसमें श्री गोविंद कंस्ट्रक्शन एंड कंसल्टेंसी कंपनी पुणे, डिलिजेंट होटल कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड भोपाल, विशाल रिजॉर्ट एंड होटल प्राइवेट लिमिटेड इंदौर, रियल एस्टेट कंपनी महेश परिमानी उज्जैन, कल्याण टोल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड इंदौर हैं। अब इन प्रस्ताव पर राज्य सरकार के स्तर पर विचार किया जाएगा और फिर उसमें से जिस प्रस्ताव को सरकार उचित और प्रासंगिक समझेगी उसे मंजूरी दी जाएगी।
शॉपिंग मॉल और हाईराइज बिल्डिंग बनाने का विचार
मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल द्वारा जब इस जमीन के विकास के बारे में विचार करने का सिलसिला शुरू किया गया था, उस समय आयोजित की गई जनप्रतिनिधियों की बैठक में यह विचार सामने आया था कि इस जमीन के व्यावसायिक उपयोग के लिए वहां पर बड़े-बड़े शॉपिंग मॉल बनाए जाना चाहिए। इसके साथ ही आवासीय जमीन के उपयोग के लिए हाईराइज बिल्डिंग बनाकर अधिक से अधिक लोगों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की जाना चाहिए। गृह निर्माण मंडल द्वारा यह तय किया जा चुका है कि उसके द्वारा इस जमीन का विकास नहीं किया जाएगा, बल्कि निजी क्षेत्र को भागीदार बनाकर उनके माध्यम से विकास कराया जाएगा। इस पूरी जमीन पर विकास का स्वरूप तय करने के लिए ही गृह निर्माण मंडल द्वारा एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट के तहत निजी क्षेत्र के बिल्डरों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए थे।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved