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पेट में अच्छे बैक्टीरिया की ग्रोथ बढ़ाने के लिए ये फल अच्‍छा सोर्स, ओवरऑल हेल्थ रहेगी अच्छी

नई दिल्‍ली (New Delhi) । प्रोबायोटिक्स (probiotics) क्या हैं? इस बारे में काफी लोगों को नहीं पता होगा. दरअसल, प्रोबायोटिक्स जीवित बैक्टीरिया (bacteria) और यीस्ट हैं जो आपके लिए अच्छे हैं, खासकर आपके पाचन तंत्र (Digestive System) के लिए. हमारा शरीर अच्छे और बुरे दोनों तरह के बैक्टीरिया से भरा होता है. प्रोबायोटिक्स को अक्सर “अच्छा” या “सहायक” बैक्टीरिया के रूप में जाना जाता है. वह आपके पेट की हेल्थ को सही रखने में मदद करते हैं. अब कई लोग प्रोबायोटिक्स की पूर्ति के लिए सप्लीमेंट लेते हैं लेकिन उनसे आगे चलकर नुकसान भी हो सकता है. ऐसे में एक साइंटिस्ट ने एक ऐसा फल बताया है जो प्रोबायोटिक्स का सबसे अच्छा सोर्स है.

प्रोबायोटिक कैसे काम करते हैं?
एंटीबायोटिक्स लेने के बाद जब किसी के शरीर में अच्छे बैक्टीरिया की कमी हो जाती है तो प्रोबायोटिक्स उनकी पूर्ति करता है. यह आपके शरीर में गट हेल्थ को मेंटेन करते हैं और बुरे बैक्टीरिया को आप पर हावी नहीं होने देते.

वैज्ञानिक और डाइट एक्सपर्ट डॉ. एमिली लीमिंग का कहना है कि प्रोबायोटिक्स के लिए सेब (Apple) अच्छा ऑपशंस हो सकता है. इसमें 100 मिलियन रोगाणुओं की प्रोबायोटिक शक्ति होती है. यह सप्लीमेंट की अपेक्षा सस्ता भी होता है.


अन्य विशेषज्ञों का भी कहना है कि सेब वास्तव में आंत की हेल्थ के लिए अच्छा है. अनाज और फलों जैसी चीजों से आपको मिलने वाले सभी फाइबर और पॉलीफेनोल्स काफी फायदेमंद होते हैं.

लीमिंग ने अपनी बुक vजीनियस गट: हाउ टू ईट फॉर योर सेकेंड ब्रेन’ में बताया है, ‘प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थों के सेवन से आपके मूड से लेकर आपकी त्वचा की टोन तक, सब कुछ बेहतर हो सकता है. सेब में विशेष रूप से पेक्टिन नाम का प्रोबायोटिक फाइबर होता है जो आपके ‘अच्छे’ आंत बैक्टीरिया को पोषण देता है.’

‘सेब में प्रचुर मात्रा में पॉलीफेनोल्स भी होते हैं जो आंत के माइक्रोबायोम पर प्रीबायोटिक प्रभाव डालते हैं. हां, जो लोग आईबीएस से पीड़ित हैं, उन लोगों को सेब खाने से पहले सोचना चाहिए. कुछ लोगों को इसे लेने के बारे में सोचना चाहिए. आपको प्रोबायोटिक सप्लीमेंट की जरूरत नहीं है. आप जो खाते हैं उससे भी प्रोबायोटिक की पूर्ति हो जाएगी.’

सेब के अन्य फायदे
सेब मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट और पानी से भरपूर होता है. इसमें फ्रक्टोज, सुक्रोज और ग्लूकोज होता है. कार्ब और चीनी के बावजूद इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) 29-44 के बीच होता है जो काफी कम है. हाई फाइबर और पॉलीफेनॉल की मात्रा के कारण फलों का जीआई स्कोर अक्सर कम होता है. हाई फाइबर और कम कैलोरी होने की वजह से यह वजन घटाने के लिए बेहतरीन है. कुछ रिसर्च बताती हैं कि सेब खाने से ब्लड शुगर के स्तर को कम करने और डायबिटीज से बचने में मदद मिलती है.

सेब में फाइबर बहुत अधिक मात्रा में होता है. एक मध्यम आकार के सेब (182 ग्राम) में 4.37 ग्राम फाइबर होता है जो दैनिक जरूरत का लगभग 16% है. सेब में मुख्य खनिज पोटैशियम होता है जो शरीर खासकर दिल के लिए बेहद जरूरी है. भरपूर मात्रा में सेब का सेवन करने से हृदय स्वास्थ्य को लाभ पहुंचता है.

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