
नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर में कड़ाके की ठंड (bitter cold) ने जनजीवन पूरी तरह जकड़ लिया है। पूरा उत्तर भारत (North India) कोहरे (fog) की चपेट में है। बीती सुबह दिल्ली में बीते तीन साल में सबसे सर्द रही, जब न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंडी हवाओं, घने कोहरे और शीतलहर ने लोगों की कंपकंपी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद और पूरे उत्तर भारत में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। नोएडा में न्यूनतम तापमान दो डिग्री और गाजियाबाद में 4.3 डिग्री दर्ज किया गया। दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंड का असर कम नहीं हुआ। राजधानी में लगातार तीसरे दिन शीतलहर की स्थिति बनी रही और अधिकतम तापमान भी सामान्य से नीचे रहा।
उत्तर भारत में कहां कितना पारा गिरा?
उत्तर भारत के कई राज्यों में ठंड ने रिकॉर्ड के करीब तापमान दर्ज कराया।
हरियाणा के हिसार में न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री और नारनौल में 1.8 डिग्री रहा।
राजस्थान के करौली में दो डिग्री, अलवर में 3.2 और पिलानी में 5.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
पंजाब में एसबीएस नगर में पारा जीरो डिग्री तक पहुंच गया।
चंडीगढ़ में सीजन की सबसे सर्द रात रही, जहां तापमान 2.8 डिग्री दर्ज किया गया।
हिमाचल में बर्फबारी की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार 15 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके असर से 16 से 18 जनवरी के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना है। निचले हिमालयी क्षेत्रों में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि चंबा जिले में तीव्र शीतलहर की चेतावनी दी गई है।
हिमाचल के ऊंचाई वाले जनजातीय क्षेत्रों में ठंड चरम पर है। लाहौल-स्पीति जिले के ताबो में न्यूनतम तापमान माइनस 7.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद कुकुमसेरी में माइनस 7.4 डिग्री और कल्पा में शून्य डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। इन इलाकों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।
आगे मौसम का मिजाज कैसा रहेगा?
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में पछुआ हवाएं चल रही हैं और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके असर से उत्तर-पश्चिम भारत में बादल छाए रह सकते हैं। मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। फिलहाल आने वाले कुछ दिनों तक कड़ाके की ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं।
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