
इंदौर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देश के परिपे्रक्ष्य में बीआरटीएस कॉरिडोर पर एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए आज उच्चस्तरीय बैठक होगी। इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इंदौर के अधिकारी भी शामिल होंगे।
राज्य सरकार द्वारा 6 साल पहले बीआरटीएस कॉरिडोर पर होटल श्रीमाया के पास से लेकर नौलखा चौराहे तक एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण की योजना तैयार की गई थी। इस योजना को मंजूरी भी दे दी गई थी। इस योजना को क्रियान्वित करने के लिए टेंडर जारी कर गुजरात की कंपनी को ठेका भी दे दिया गया था।
इसके बाद सरकार ने इस कॉरिडोर का निर्माण करने से अपने कदम पीछे हटा लिए थे। पिछले दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा इंदौर में इंदौर के विकास के संबंध में आयोजित की गई बैठक में यह फैसला लिया था कि इस कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। इस फैसले के बाद इस कॉरिडोर को बनाने वाली एजेंसी लोक निर्माण विभाग द्वारा काम शुरू करने के लिए तैयारी प्रारंभ कर दी गई है। बीआरटीएस को लेकर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय इंदौर के समक्ष प्रस्तुत याचिका की सुनवाई के दौरान न्यायालय द्वारा पिछले दिनों प्रदेश के मुख्य सचिव को यह आदेश दिया गया था कि वह एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के संबंध में बैठक लेकर स्थिति को स्पष्ट करें।
इस निर्देश के परिपे्रक्ष्य में आज प्रदेश के मुख्य सचिव द्वारा दोपहर में बैठक ली जा रही है। इस बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव तथा लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव भाग लेंगे। इसके साथ ही इंदौर से कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस बैठक से जुड़ेंगे। इस बैठक में इस बात पर चर्चा की जाएगी कि बीआरटीएस के कॉरिडोर पर 6 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाना है तो उसका निर्माण किस तरह से किया जाए, जिससे की जनता को कम से कम समस्या हो। इस बैठक में इस बारे में योजना तैयार की जाएगी। ध्यान रहे कि इस कॉरिडोर की एक भुजा गिटार चौराहे की तरफ, एक भुजा गीता भवन की तरफ और एक भुजा व्हाइट चर्च चौराहे पर उतारी जाना है।
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