
इन्दौर। अन्नपूर्णा पुलिस की गिरफ्त में आए किराये से कार लेकर उनको रफा-दफा लगाने वाले ठगी के गिरोह के संजय कालरा को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर उसका रिमांड लिया है। कालरा से ठगाए कार मालिकों को जैसे-जैसे उसकी गिरफ्तारी की जानकारी लग रही है तो वे अन्नपूर्णा थाने पहुंचकर एफआईआर में फरियादी के रूप में अपना नाम जुड़वा रहे हैं। अभी तक उसके खिलाफ 3 दर्जन कार मालिक शिकायत करने थाने पहुंच चुके हैं। पुलिस ने कालरा के एक साथी को गिरफ्तार किया है। उसने एक दर्जन कारों को रफा-दफा लगााया है। उससे पूछताछ जारी है।
संजय कालरा उर्फ करिरा से रिमांड के दौरान कारों के बारे में पूछा जा रहा है कि उसने किस-किस को कारें किराए से दी हैं। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने शावेश चिस्ती निवासी गुलजार कॉलोनी को थाने पर बैठाया है। बताया जा रहा है कि कालरा ने एक दर्जन कारें उसे दी हैं। शावेश ने ज्यादातर कारें गुजरात भेज दी हैं। वह पूछताछ में पुलिस का सहयोग नहीं कर रहा है और कारों के बारे में बता भी नहीं रहा है। उधर करीब 12 कारें अभी अन्नपूर्णा पुलिस ने जब्त कर ली हैं।, जैसे-जैसे कार मालिकों को पता चल रहा है कि उनकी कारें पुलिस ने जब्त कर ली तो वे थाने जाकर अपनी कारों को देख रहे हैं।
वे यह भी देख रहे हैं कि कालरा ने कारों की क्या हालत करवा दी है। एक पूरा परिवार कल रात को अन्नपूर्णा थाने पहुंचा था, जो बिना नंबर की कार कालरा को किराए से दे बैठा था। अपनी कार को थाने में खड़ी देख उसके चारों ओर यह परिवार घूमकर देख रहा था कि कार चलाने वाले ने कार में किसी तरह का स्क्रैच तो नहीं आने दिया। उधर खुडै़ल के इस्लाम पटेल और उसके भतीजे की कार भी कालरा ने किराए से ली थी। अन्नपूर्णा थाने में रिपोर्ट लिखाने वालों में इस्लाम पटेल ही पहला शख्स था। उसकी कार कालरा और साथी शावेश ने किसी व्यापारी को दी है, लेकिन वह व्यापारी का नाम पता नहीं बता रहा है।
गिरवी रखने वाले भी कालरा से पैसे लेने का दावा कर रहे हैं
उधर यह बात सामने आ रही है कि किराए से कार लेने के बाद कालरा ने कई कारों को गिरवी रख दिया था। दरअसल कालरा पैसे वाले लोगों के पास जाता था और उनसे लाखों रुपए उधार लेकर विश्वास जीतने के लिए तुरंत ही रुपए अच्छे खासे ब्याज के साथ लौटा देता था, जिससे वही लोग कालरा को उससे ज्यादा पैसा बजाय पर दे देता था। ऐसे कई लोगों को भी पैसों के एवज में कालरा ने कारें गिरवी रख दी। पुलिस उनसे कारंे जब्त कर थाने ला रही है। इस दौरान कई लोग दावा कर रहे है कि उनको कालरा से रुपए लेना है। हालांकि इस मामले में पुलिस को किराए की कारें गिरवी रखने वालों को भी आरोपी बनाना चाहिए, क्योंकि किसी दूसरे की कार को गिरवी रखना गैरकानूनी है। पुलिस ठीक ढंग से कार्रवाई करे तो कई लोग आरोपी बन सकते हैं।
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