
शिवपुरी: मध्य प्रदेश के शिवपुरी (Shivpuri) के फिजिकल थाना (Physical Police Station) क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटरों (Fake Matrimonial Call Centers) पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की. पुलिस ने शादी के नाम पर नौजवान युवकों (Youth) से धोखाधड़ी (Fraud) कर पैसा (Money) ऐंठने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर संचालित कॉल सेंटरों पर छापेमारी कर गिरोह से जुड़े आरोपियों को कस्टडी में लिया है और ठगी में इस्तेमाल उपकरण और दस्तावेज जब्त किए हैं.
शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने जिले में अवैध गतिविधियों में शामिल अपराधियों, संदिग्ध आचरण रखने वाले व्यक्तियों और साइबर फ्रॉड, मादक पदार्थ, जुआ-सट्टा, अवैध शराब, अवैध हथियार, अवैध खनन जैसी गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए थे. इन्हीं निर्देशों के पालन और पुलिस अधीक्षक शिवपुरी और सीएसपी शिवपुरी के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई. यह फर्जी मैट्रिमोनियल ऑफिस शिवपुरी शहर के कई इलाकों में संचालित थे, जहां पुलिस ने अचानक छापेमारी कर कार्रवाई को अंजाम दिया.
जिन्हें कस्टडी में लिया गया है. उन पर आरोप है कि ये लोग शादी का झांसा देकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करते थे. शुरुआती जांच में पुलिस ने 7 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है, जबकि तीन आरोपियों को नोटिस जारी कर कोर्ट में पेश होने के लिए पाबंद किया गया है. पुलिस की यह कार्रवाई शुक्रवार को हुई, जिसके बाद इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ.
दरअसल, शुक्रवार दोपहर फिजिकल थाना पुलिस ने टीवी टॉवर रोड स्थित शिवशक्ति नगर में एक मकान पर दबिश दी. यहां से कई युवतियों और महिलाओं को पूछताछ के लिए थाने लाया गया. इसके बाद झांसी तिराहा क्षेत्र में भारत गैस एजेंसी के ऊपर पहले माले पर स्थित एक अन्य कॉल सेंटर पर भी कार्रवाई की गई. दोनों स्थानों से मिले लोगों को फिजिकल थाने लाकर पूछताछ की गई और मामला देर रात तक पुलिस थाने में जांच पड़ताल के दौरान जारी रहा. हालांकि, शुक्रवार रात करीब साढ़े 9 बजे पुलिस ने सभी युवतियों और महिलाओं को थाने से छोड़ दिया.
फिजिकल थाने में लाई गई महिलाओं और युवतियों ने पुलिस को बताया कि उनके फोन वहीं काउंटर पर जमा कर लिए जाते थे और उन्हें उनके जॉब सेंटर से एक दूसरा फोन दिया जाता था. पुलिस ने जिन दो वेबसाइट का जिक्र एफआईआर में किया है. उन वेबसाइटों पर आगे बढ़ने के लिए क्लाइंट को पैकेज लेना अनिवार्य था. फ्री रजिस्ट्रेशन के बाद 2 महीने का 3 हजार रुपए से लेकर 12 महीने का 30 हजार रुपए तक का सब्सक्रिप्शन दिया जाता था.
इसके बदले बातचीत और अन्य सुविधाएं देने का दावा किया जाता था. अब पुलिस फरार आरोपियों और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी है. इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि शादी के नाम पर चल रहा यह कॉल सेंटर सिर्फ ठगी तक सीमित था या इसके पीछे कोई अन्य अनैतिक गतिविधियां भी संचालित हो रही थीं.
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