
नई दिल्ली। आज अगर आपके गुल्लक में या आलमारी के किसी कोने में 25 पैसे(25-paisa) का सिक्का(coin)है तो आप उससे कुछ नहीं खरीद सकते, लेकिन आजादी(Independence)के समय, पहले गणतंत्र दिवस(Republic Day) के समय आप इससे 1 लीटर दूध, 1 लीटर पेट्रोल भरवा सकते थे. जिसमें आज एक लीटर दूध(milk) मिलता है, उतने ही रुपये में आप आजादी के वक्त 10 ग्राम सोना खरीद सकते थे. जितने में आज एक लीटर दूध खरीदते हैं, उतने में 4 बार आप दिल्ली से मुंबई ट्रेन से सफर कर सकते थे. आबादी बढ़ी और साथ में महंगाई भी. अगर एक नजर साल 1950 से साल 2026 तक के सफर में डाले तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि महंगाई का आलम कितना है.
साल 1950 से लेकर साल 2026 तक का सफर
आजादी के समय देश की जनसंख्या सिर्फ 34 करोड़ थी. पहली बार जब 1951 में जनगणना हुई तो उस वक्त देश की आबादी 34 करोड़ से बढ़कर 36 करोड़ हो गई थी. आज भारत की आबादी 140 करोड़ के ऊपर पहुंच गई है. आबादी के साथ देश की अर्थव्यवस्था भी बढ़ी, देश की जीडीपी में विस्तार देखने को मिली. 1950 से लेकर अब तक भारत की जीडीपी 55 गुना से अधिक बढ़ चुकी है. 1950 में भारत की अर्थव्यवस्था करीब 2.7 लाख करोड़ की थी, जो साल 2026 में बढ़कर 4.51 ट्रिलियन पर पहुंच गई है
1950 में कितने का था सोना-चांदी
सोने-चांदी की बात करें तो भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था. लोगों के घरों में सोने-चांदी के जेवरों की ढ़ेर लगे थे. आज भी दुनिया के कई देशों की जीडीपी से ज्यादा सोना भारत के घरों में है, जो कई पीढ़ियों से चली आ रही है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक भारत के घरों में 25 हजार टन से ज्यादा सोना है. अगर कीमत की बात करें तो साल 1950 में भारत के पहले गणतंत्र दिवस के मौके पर सोने की कीमत 99 रुपये प्रति 10 ग्राम थी. इससे पहले आजादी के वक्त 1947 में सोना मात्र 89 रुपये प्रति 10 ग्राम का बिक रहा था. आज साल 2026 में सोने की कीमत 155000 रुपये प्रति 10 ग्राम को पार कर गया है. चांदी की बात करें तो उस वक्त 1 किलो चांदी 100-159 रुपये में मिल जाती थी. 10 ग्राम चांदी के लिए के लिए 1 रुपये से 1.50 रुपये तक खर्च करना पड़ता था. आज उतनी ही चांदी खरीदने के लिए आपको साढ़े 3 लाख रुपये चाहिए.
1950 से अब तक कितना महंगा हुआ तेल
1950 से लेकर अब तक पेट्रोल की कीमत 300 गुना बढ़ चुकी है. 1951 के मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट के गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन डेटा के मुताबिक उस समय देश में 3 लाख गाड़ियां रजिस्टर्ड थीं. 1947 में पेट्रोल की कीमत 27 पैसे प्रति लीटर था, जो 1950 में 30 पैसे पर पहुंच गया था. आज 2026 में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत औसत रूप से 100 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है.
76 सालों में रेल किराया कितना महंगा हुआ
भारत में पहली ट्रेन 16 अप्रैल 1853 को चली थी. 76 सालों में रेल यात्रियों की संख्या जिस तेजी से बढ़ी उतनी ही तेजी से रेल किराया भी. 1951 से लेकर अब तक रेल किराए में 30 गुना से अधिक बढ़ोतरी हुई. 1950-51 में रेलवे हर एक किमी पर 1.5 पैसा किराया वसूलती थी जो साल 2018-19 में बढ़कर 44 पैसे से ऊपर पहुंच गई. रेलवे ने हाल ही में प्रति किलोमीटर में रेल किराए में 2 पैसा प्रति किमी की बढ़ोतरी कर दी है.
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये का हाल
1947 में आजादी के वक्त 1 डॉलर की वैल्यू 1 रुपए के बराबर थी. साल 1950 में डॉलर के मुकाबले रुपया काफी मजबूत था और इसकी वैल्यूएशन $1 = ₹4.76 थी. आज डॉलर के मुकाबले रुपया 92 रुपये पर पहुंच गया है. कर्तव्य पथ बनेगा ‘पावर पथ’, 77वें गणतंत्र दिवस पर दुनिया देखेगी भारत के अर्जुन-ब्रह्मोस का दम
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved