
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी संकट के बीच अमेरिकी वायुसेना को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा है. पश्चिमी इराक में अमेरिकी सेना का एक केसी-135 रिफ्यूलिंग विमान हादसे का शिकार हो गया. इस दौरान विमान में कुल छह क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से चार की मौत हो गई है. अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने भी क्रू मेंबर्स की मौत की पुष्टि की है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सेंटकॉम ने बताया कि केसी-135 रिफ्यूलिंग विमान में मौजूद छह में से चार क्रू मेंबर की मौत हो चुकी है, जबकि दो की तलाश और बचाव अभियान जारी है. सेंटकॉम का कहना है कि दुर्घटना के पीछे का कारणों का पता लगाया जा रहा है. अभी जांच जारी है. कुछ सामने आता है तो अधिक जानकारी साझा की जाएगी. अमेरिकी सेना ने साफ़ किया कि विमान हादसे का शिकार किसी दुश्मन के हमले या फ्रेंडली फायर की वजह से नहीं हुआ है. यानि साफ है कि शुरुआती जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना किसी हमले से जुड़ी नहीं है.
अमेरिका का केसी-135 विमान एक रिफ्यूलिंग विमान है. इसका इस्तेमाल आसमान में दूसरे सैन्य विमानों को ईंधन देने के लिए किया जाता है. इसे टैंकर विमान भी कहा जाता है. इन विमानों का इस्तेमाल लंबी दूरी के मिलिट्री ऑपरेशनों में बेहद अहम भूमिका निभाती है. सैन्य विमान या फाइटर जेट युद्ध के दौरान बिना ज़मीन पर उतरे लंबे समय तक आसमान में फिर रह सकते हैं और दुश्मनों पर क़हर बरपा सकते हैं.
बता दें कि इससे पहले अमेरिका के तीन एफ-15एस विमान गिराए गए थे. कुवैत में फ्रेंडली फायर में अमेरिका को यह नुकसान हुआ था. ईरान के साथ शुरू हुआ युद्ध से लेकर अब तक अमेरिका को अपने चार विमान खोने पड़े हैं. मिडिल ईस्ट में दो सप्ताह के अधिक समय से जंग छिड़ा हुआ है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘ईरान के नेताओं को मारना सम्मान है.’
वहीं, हार्मुज स्टेट बंद होने की वजह से तेल की कीमतों में लगातार उछाल देखा जा रहा है. इज़रायल की ओर से ईरान पर लगातार हमले जारी हैं. इज़रायल ने कहा है कि उन्होंने ईरान में 200 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया. इज़रायल लेबनान में हिजबुल्लाह पर भी हमला कर रहा है. इज़रायल ने बताया कि उनके सैनिकों ने एक ब्रिज पर हमला किया, जिसे हिजबुल्लाह के लोग इस्तेमाल किया करते थे.
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