
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक चिंता को लेकर केंद्र सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक शुरू हुई. तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार किया है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक दिन पहले (24 मार्च 2026) को बता दिया था कि वह इस बैठक में शामिल नहीं होंगे क्योंकि केरल में उनका एक कार्यक्रम है. उन्होंने विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. इस बैठक में मिडिल ईस्ट के हालात पर चर्चा होगी और विपक्ष के सुझाव भी लिए जाएंगे.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में छिड़े मौजूदा युद्ध के कारण उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए अधिकार संपन्न सात नये समूहों का गठन किया गया है जो एलपीजी, आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अन्य विषयों का नियमित आकलन कर सुझाव देंगे। हालांकि सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि देश में तेल और गैस की कोई कमी नहीं है.
सर्वदलीय बैठक के लिए गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा पहुंचे हैं. बीजेडी से सस्मित पात्रा, जेडीयू से लल्लन सिंह और संजय झा, कांग्रेस से तारिक अनवर और मुकुल वासनिक, सीपीआईएम से जॉन ब्रिटास, विदेश मंत्री एस जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी बैठक के लिए पहुंचे हैं.
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