
वाशिंगटन। अमेरिकी डिजिटल समाचार पत्र कंपनी पॉलिटिको ने मामले से परिचित अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया है कि व्हाइट हाउस ने कथित तौर पर NATO सदस्य देशों की एक ‘शरारती और अच्छे’ (Naughty And Nice) की सूची तैयार की है। यह सूची ट्रंप प्रशासन की उस पहल का हिस्सा है जिसके तहत उन सहयोगियों का मूल्यांकन किया जाएगा और संभवतः उन्हें दंडित भी किया जाएगा, जिन्होंने ईरान संघर्ष के दौरान अमेरिका के रुख का समर्थन नहीं किया था।
पहले ही शुरू हो गया था काम
पॉलिटिको के अनुसार, 3 यूरोपीय राजनयिकों और एक अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए बताया गया है कि इस पहल पर काम NATO महासचिव मार्क रुटे की वाशिंगटन यात्रा से पहले शुरू कर दिया गया था। Naughty And Nice की सूची सदस्यों को उनके रक्षा योगदान और व्यापक सहयोग के आधार पर वर्गीकृत करती है।
राष्ट्रपति ट्रंप देते रहे हैं चेतावनी
यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उन लगातार चेतावनियों को रेखांकित करता है कि जो सहयोगी रक्षा खर्च में हिस्सेदारी या रणनीतिक समर्थन के मामले में अमेरिका की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। माना जा रहा है कि NATO सहयोगियों को इसके परिणाम भी भुगतने पड़ सकते हैं। वैसे देखा जाए तो अमेरिका और NATO सदस्य देशों के बीच रिश्ते पहले की अपेक्षा में अब तनावपूर्ण ही नजर आ रहे हैं।
पीट हेगसेथ ने कही थी बड़ी बात
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पहले भी इसी तरह के दृष्टिकोण की रूपरेखा प्रस्तुत की थी। पॉलिटिको की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा था, “आदर्श सहयोगी वो हैं जो आगे बढ़कर सहयोग करते हैं- जैसे इजरायल, दक्षिण कोरिया, पोलैंड और अब जर्मनी, बाल्टिक देश और अन्य भी- उन्हें हमारा विशेष समर्थन प्राप्त होगा।” उन्होंने यह भी कहा था कि जो सहयोगी सामूहिक रक्षा के लिए अपनी भूमिका निभाने में विफल रहेंगे उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे।
‘अमेरिका का नहीं दिया साथ’
व्हाइट हाउस की उप प्रेस सचिव अन्ना केली ने प्रशासन के इस रुख को लेकर कहा है कि अमेरिका हमेशा अपने सहयोगियों के लिए खड़ा रहा है लेकिन ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान वो हमारे लिए खड़े नहीं हुए। पॉलिटिको की रिपोर्ट के अनुसार, केली ने यह भी कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने विचार स्पष्ट कर दिए हैं, और उन्होंने कहा है कि अमेरिका इस बात को याद रखेगा। अमेरिका के पूर्व अधिकारियों ने भी मौजूदा चुनौतियों के बीच यूरोप के साथ तनाव बढ़ने पर ट्रंप प्रशासन की क्षमता पर सवाल उठाए हैं।
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