
नई दिल्ली: होर्मुज (Hormuz) पर जारी नाकाबंदी (Blockade) के बीच गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतें पिछले चार साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं. तेल की कीमतों पर ईरान की तरफ से प्रतिक्रिया आई और उसने कहा कि अमेरिकी नाकाबंदी का उसके तेल उत्पादन पर तो कोई असर नहीं हुआ, उलटे तेल की कीमतें बढ़ गईं. ईरान ने कहा कि तेल की कीमतें 140 डॉलर प्रति बैरल तक जाएंगी. इस बीच तेल की बढ़ती कीमतों से परेशान अमेरिका ने दुनिया के देशों को एक गुप्त संदेश भेजा है कि वो होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बहाल करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाएं.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने देशों को यह संदेश एक सीक्रेट डिप्लोमैटिक केबल से भेजा है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने यह केबल देखी है और उसी आधार पर यह खबर सामने आ रही है. अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों से 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के दो महीने बाद भी दुनिया का अहम समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट बंद है, जिससे दुनिया की 20% तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है. इससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल आया है और आर्थिक मंदी के खतरे बढ़ गए हैं.
ईरान-अमेरिका संघर्ष को सुलझाने की कोशिशें ठप पड़ गई हैं. अमेरिका ईरान के तेल निर्यात पर नौसैनिक नाकेबंदी के जरिए बातचीत में जारी गतिरोध को तोड़ने की कोशिश कर रहा है. तेल निर्यात ईरान की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है और नाकेबंदी से उसे भारी नुकसान हो रहा है.
अचानक से क्यों बढ़ गईं तेल की कीमतें
एक्सियोस की एक रिपोर्ट में सामने आया है कि बातचीत ठप होने के बीच गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान पर नए सैन्य हमलों की योजना पर ब्रीफिंग लेने वाले हैं. वो ईरान को बातचीत की टेबल पर लाने की कोशिश में हैं और इसके लिए उसके खिलाफ बड़े कदम उठा सकते हैं. इस खबर के बाद तेल की कीमतों में तेज उछाल आया और बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड एक समय 125 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया, आंशिक रूप से कॉन्ट्रैक्ट एक्सपायरी से जुड़े तकनीकी कारणों के चलते.
साल की शुरुआत से ही ब्रेंट की कीमतें दोगुनी से अधिक हो चुकी हैं और गुरुवार को मार्च 2022 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं, जिससे महंगाई बढ़ रही है और दुनियाभर में पेट्रोल की कीमतें बहुत ऊपर चली गई हैं. ईरान ने कहा है कि जब तक उस पर खतरा बना रहेगा, वो होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को रोकता रहेगा. ईरान ने बुधवार को चेतावनी दी कि अगर ईरान से जुड़े जहाजों की अमेरिकी नाकेबंदी जारी रही तो वो बड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा. इस बीच ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि वो ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने देगा जबकि तेहरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है.
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘उन्हें नॉन-न्यूक्लियर समझौता करना नहीं आता. उन्हें जल्द समझदार बनना चाहिए.’ हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि ऐसा समझौता कैसा होगा. इस पोस्ट में उनकी एक तस्वीर भी थी, जिसमें वो काले चश्मे पहनकर मशीन गन पकड़े हुए नजर आ रहे थे, जिसके साथ लिखा था, ‘मैं अब मिस्टर नाइस नहीं रहा.’
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