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तेल स्टॉक जीरो, अब भारत को देख किलस रहा पाकिस्तान; बोला- हमारे पास उनकी तरह ऑयल रिजर्व नहीं

May 01, 2026

इस्‍लामाबाद। पाकिस्तान (Pakistan) इन दिनों तेल का रोना रो रहा है। ईरान और अमेरिका (US) के बीच शुरू हुई हालिया युद्ध से पाकिस्तान बड़ी मुसीबत में फंसा हुआ है और अब तो शहबाज शरीफ सरकार के मंत्री ने खुद इस बात को कबूल लिया है कि पाकिस्तान (Pakistan) में तेल बचा ही नहीं है। यही नहीं पाकिस्तान भारत के ऑयल रिजर्व को देख कर भी किलस रहा है। पाकिस्तान (Pakistan) के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी नाकामी तो मानी ही, साथ ही यह भी कहा कि पाकिस्तान भारत की तरह नहीं है, क्योंकि पाकिस्तान के पास भारत की तरह रणनीतिक तेल भंडार नहीं है।

गौरतलब है कि ईरान युद्ध की वजह से दुनिया के सबसे अहम जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही ठप पड़ गई है जिसके बाद तेल की कीमतें बढ़कर 126 रुपए प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं गईं। कीमतों ने चार साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। ऐसे में पाकिस्तान के तेल का खर्च बढ़ता जा रहा है जिससे पाकिस्तान की हालत पतली हो गई है। अब पाक के ऊर्जा मंत्री ने खुलेआम कहा है कि पाकिस्तान के पास ऑयल रिजर्व भी नहीं है।
‘हमारे पास तो कोई रिजर्व नहीं है’



  • यह पूछे जाने पर कि पाकिस्तान के पास कितना तेल है, परवेज मलिक ने जवाब दिया, “हमारे पास तो कोई रिजर्व नहीं है। हम तो कमर्शियल रिजर्व पर चलते हैं। हमारे पास कोई सरकारी रिजर्व है ही नहीं। सिर्फ रिफाइनरियों के पास 5-7 दिन का क्रूड ऑयल है। हम इंडिया की तरह नहीं हैं कि जिनके पास 60-70 दिन का रिजर्व है और जिसे एक साइन पर रिलीज किया जा सकता है।”
    भारत से की तुलना

    पाक के मंत्री ने आगे पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की बेलआउट शर्तों को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने न्यूज चैनल से कहा, “भारत के पास न सिर्फ 600 अरब डॉलर का फॉरेन रिजर्व है, बल्कि वे रणनीतिक भंडार भी रखते हैं। इससे उन्हें इस संकट का सामना करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, उन पर IMF का कोई दबाव नहीं हैं और जब तेल की कीमतें आसमान छू रही थीं, तो उन्होंने टैक्स कम करके खुद को इस संकट से बचाने की कोशिश की। उनके पास ऐसा करने के लिए फिसकल स्पेस था।”

    हालांकि पाकिस्तान ऐसा नहीं कर सकता था। मंत्री ने दावा किया कि तेल की बढ़ती कीमतों के कारण पाकिस्तान को अपने लोगों को राहत दिलाने के लिए IMF से बात करनी पड़ी। दरअसल पाकिस्तान ने हाल ही में पेट्रोल की कीमतों में 80 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है और शहबाज शरीफ ने कहा है कि इस कटौती का खर्च सरकार की पेट्रोलियम लेवी से उठाया जाएगा। इससे पहले पाक में पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतें बढ़ा दी गई थीं और सरकार ने इसके लिए वैश्विक स्तर पर तेल की बढ़ती दरों को जिम्मेदार ठहराया था।
    पाकिस्तान में बड़ा संकट

    इससे पहले पाकिस्तान में ऊर्जा संकट पैदा होने की वजह से लॉकडाउन जैसी स्थिति बन गई है। लोगों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी जा रही है और सरकारी अधिकारियों और मंत्रियों के वेतन में भी कटौती की गई है। वहीं पेट्रोल और डीजल भरवाने पर भी लिमिट लगा दी गई थी। मंगलवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी दुनिया के सामने इसका दुखड़ा रोया। उन्होंने माना कि ईरान युद्ध की वजह से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बर्बादी के कगार पर है और देश में तेल का कर्ज दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गया है। अब पाक के ऊर्जा मंत्री ने भी ऑन कैमरा यह बयान दिया है।
    भारत में नहीं बढ़े दाम

    हालाँकि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी हद तक स्थिर बनी हुई हैं। भारत ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में लगभग 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है, जिससे कीमत नहीं बढ़ी है। इस कदम से तेल कंपनियों को काफी राहत मिली है। इसके अलावा भारत ने तेल आयात कर विकल्प भी बढ़ाए हैं और वह अपने रूस जैसे साथियों से सस्ता तेल भी खरीद रहा है

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