
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा (Punjab Legislative Assembly) के विशेष सत्र में शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंत्रिमंडल पर भरोसा जताते हुए कॉन्फिडेंस मोशन (विश्वास प्रस्ताव) पेश किया। विश्वास मत विधानसभा में सर्व सम्मति (विपक्ष की गैरहाजिरी) से पारित हुआ। इसके साथ ही आप में टूट की अटकलों पर विराम लग गया। 94 विधायकों वाली आम आदमी पार्टी के 88 एमएलए ने समर्थन किया। वहीं, आप के 6 विधायकों ने वोट नहीं किया। दो विधायक जेल में हैं और चार विधायक गैर हाजिर रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दिनों अफवाहों का बाजार गर्म है और नकारात्मक खबरें तेजी से फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के विधायकों के टूटने की चर्चा पूरी तरह बेबुनियाद है और लोगों में भ्रम पैदा करने के लिए फैलायी जा रही है। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव रखते हुए कहा कि उनकी सरकार पूरी तरह स्थिर, एकजुट और जनहित के एजेंडे पर काम कर रही है, जबकि विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
‘सरकार के पास स्पष्ट बहुमत’
उन्होंने कहा कि इन अटकलों का मकसद सिर्फ जनता और विधायकों के बीच भ्रम पैदा करना है। ऐसे में सरकार ने सदन के पटल पर विश्वास प्रस्ताव लाकर स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट करने का निर्णय लिया है, ताकि लोकतांत्रिक तरीके से बहुमत साबित किया जा सके।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मुख्यमंत्री के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार के पास स्पष्ट बहुमत है और सभी विधायक एकजुट होकर काम कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बिना तथ्यों के आरोप लगाकर राजनीतिक माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। चीमा ने कहा कि जब विश्वास प्रस्ताव पर मतदान होगा, तब सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।
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